शाहाबाद मारकंडा। माइनिंग ठेकेदार सुनील भाटिया पर हुए जानलेवा फायरिंग हमले के बाद मामले में गैंग कनेक्शन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में हिमांशु भाऊ गैंग ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि पुलिस ने इस पोस्ट की पुष्टि नहीं की है और न ही इसे जांच का आधार माना है।

वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि सुनील भाटिया के खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे कुछ पुराने विवाद और विरोध की वजह रही। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि समझाने के बावजूद कथित तौर पर सुनील ने विरोधी गुट के लोगों के साथ संबंध बनाए रखे, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट नहीं होगा जाँच का आधार
हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच केवल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। थाना प्रभारी जगदीश टामक ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी पोस्ट को जांच का आधार नहीं बनाया जा रहा है। पुलिस अपनी स्वतंत्र जांच के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि हमलावरों को किसी स्थानीय या परिचित व्यक्ति से सुनील भाटिया की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। ऐसे में रेकी करने वाले संभावित सहयोगियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।


सीआईए और एसटीएफ समेत पांच विशेष टीमों का गठन

फायरिंग की इस सनसनीखेज वारदात को सुलझाने के लिए सीआईए और एसटीएफ समेत पांच विशेष टीमों का गठन किया गया है। विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस ने सुनील भाटिया के साथ मौजूद संजीव कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल जांच कई पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जा रही है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिलेगी।