भुवनेश्वर: ओडिशा के औद्योगिक विकास के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के तीन दिवसीय गुजरात दौरे के परिणामस्वरूप राज्य को 48,330 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा पूरी कर लौटने के बाद यह जानकारी साझा की और बताया कि इन परियोजनाओं से राज्य में लगभग 67,838 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने अहमदाबाद, मुंद्रा और वडोदरा में रोड शो और ‘ओडिशा इन्वेस्टर्स मीट’ का आयोजन किया था. इस दौरान गुजरात के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ 132 से अधिक बैठकें हुईं.

इस यात्रा के दौरान कुल 71 निवेश प्रस्ताव (8 एमओयू और 63 निवेश इच्छा पत्र) प्राप्त हुए. निवेश के ये प्रस्ताव मुख्य रूप से मेटल डाउनस्ट्रीम, केमिकल, फार्मास्यूटिकल्स, ग्रीन एनर्जी, एयरोस्पेस और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से आए हैं.

मुख्यमंत्री मोहन माझी ने गुजरात के उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए ओडिशा को “भारत का प्रवेश द्वार” बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पूर्वोदय विजन’ के तहत ओडिशा अब पूर्वी भारत के विकास का इंजन बन रहा है.

उन्होंने विशेष रूप से पारादीप, धामरा और गोपालपुर बंदरगाहों की रणनीतिक स्थिति पर जोर दिया, जो इंडो-पैसिफिक बाजार के लिए व्यापारिक गलियारे के रूप में काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, “जिस तरह पश्चिमी भारत ने देश की औद्योगिक प्रगति का नेतृत्व किया है, अब पूर्वी भारत और विशेष रूप से ओडिशा, विकसित भारत के सपने को साकार करने में बड़ी भूमिका निभाएगा.”

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को ‘समृद्ध ओडिशा 2036’ की यात्रा में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार निवेशकों को आधुनिक बुनियादी ढांचा, कुशल श्रमशक्ति और पारदर्शी नीतिगत सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है.