कोरापुट: डाक विभाग में हुए ₹50 करोड़ के एक बहुत बड़े वित्तीय महाघोटाले में एक सब-पोस्टमार्टर को निलंबित कर दिया गया है. सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) फंड में बड़ी हेरफेर का यह गंभीर मामला सामने आया है.

सस्पेंड किए गए अधिकारी की पहचान गौरांग सरकार के रूप में हुई है. वर्तमान में वे कोरापुट जिले के बैपारगुड़ा में कार्यरत थे. हालांकि, यह पूरी धोखाधड़ी नबरंगपुर जिले के झरीगांव उप-डाकघर के प्रभारी रहने के दौरान की गई है. डाक अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निलंबन की यह कार्रवाई की है.

जांच के दौरान सामने आया है कि झरीगांव, कोडिनगा और डाबुगांव डाकघरों में पंजीकृत लाभार्थियों के बचत खातों से जालसाजी के जरिए पैसे किसी अन्य जगह ट्रांसफर कर दिए गए. इस मामले को लेकर विपक्षी दल बीजू जनता दल (BJD) ने पहले ही मोर्चा खोल रखा था. बीजद ने आरोप लगाया था कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वाले गरीब लोगों के खातों से लाखों रुपये गायब कर दिए गए हैं. पार्टी के इस गंभीर विरोध और आरोपों के बाद ही डाक विभाग ने विभागीय जांच शुरू की थी.

इस महाघोटाले का जाल सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, दो अन्य पोस्टमास्टरों के भी इस भ्रष्टाचार में शामिल होने का संदेह है, जिसके चलते उनके खिलाफ भी गहन जांच चलाई जा रही है. फिलहाल, विभाग के आला अधिकारी वित्तीय लेन-देन के सभी पुराने रिकॉर्ड्स और लाभार्थियों के खातों की बारीकी से स्क्रूटनी (जांच) कर रहे हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि जांच पूरी होने के बाद घोटाले की असल रकम और इसमें शामिल अन्य चेहरों का बड़ा पर्दाफाश हो सकता है.