देवघर। राजकीय श्रावणी मेला शुरू होने के बाद पहली सोमवारी पर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात से ही जलार्पण के लिए करीब 10 किलोमीटर लंबी कतार लग गई। प्रशासन को सोमवार को लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के जलार्पण की उम्मीद है।
30 जुलाई से शुरू हुए राजकीय श्रावणी मेले की पहली सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। देर रात दो बजे से पहले ही श्रद्धालुओं की कतार लगभग 10 किलोमीटर तक पहुंच गई, जो सुबह तक बनी रही।
मंदिर में प्रातःकालीन पूजा सरदार पंडा गुलाबनंद ओझा ने संपन्न कराई। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ को गंगाजल और बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं तथा श्रद्धापूर्वक जलार्पण करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं का लिया जायजा
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित जलार्पण सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा। मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही डीसी, एसपी और डीडीसी मंदिर पहुंच गए और जलार्पण शुरू होने के बाद रूटलाइन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
रैफ के जवान रहे मुस्तैद
मंदिर परिसर में बाह्य अर्घा के पास भीड़ नियंत्रण के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान तैनात रहे। सुरक्षा बलों ने जलार्पण के बाद श्रद्धालुओं की सुचारु निकासी सुनिश्चित की, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

वीआईपी और शीघ्रदर्शन सुविधा बंद
श्रावणी मेले के दौरान सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर देने के उद्देश्य से आउट ऑफ टर्न दर्शन और वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद रखे गए हैं। पहली सोमवारी के अवसर पर शीघ्रदर्शनम की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
एआई तकनीक से भीड़ पर नजर
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन ने आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया है। मेले में एआई आधारित समेकित मेला नियंत्रण कक्ष, एआई कैमरे, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम, हेड काउंटिंग तकनीक, एआई ड्रोन, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, हाई क्वालिटी एएनपीआर कैमरे, क्यूआर आधारित शिकायत प्रणाली, लोकेशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम और डिजिटल पवेलियन जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु जलार्पण सुनिश्चित करने के लिए पूरे श्रावणी मेले के दौरान सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।


