ODISHA DESK, भुवनेश्वर: ओडिशा की पारंपरिक हस्तशिल्प और सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, पिपिली में अत्याधुनिक ‘पिपिली चांदुआ हस्तशिल्प हब’ के निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पिपिली तहसील के अंतर्गत जगन्नाथपुर क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखी।
हस्ततंत, वस्त्र एवं हस्तशिल्प विभाग की ओर से लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से 5 एकड़ से अधिक की भूमि पर इस परियोजना का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिपिली चांदुआ (एप्लिक वर्क) केवल एक कला नहीं है, बल्कि यह ओड़िया अस्मिता और भगवान जगन्नाथ मंदिर की संस्कृति से जुड़ी एक अनमोल धरोहर है।
अत्याधुनिक पांच मंजिला क्रॉफ्ट, कल्चर एंड टूरिज्म हब की विशेषताएं
इस आधुनिक हब के भीतर 50 व्यावसायिक दुकानें और 6 सरकारी शोरूम,लाइव डेमोंस्ट्रेशन सेंटर (कला का सीधा प्रदर्शन), उत्कृष्ट प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) सुविधाएं, एक आधुनिक ऑडियो-विजुअल गैलरी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मुक्त आकाश रंगमंच और पारंपरिक व्यंजनों के लिए ओड़िया फूड कोर्ट जैसे विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस हब में पिपिली चांदुआ के साथ-साथ ओडिशा के सभी 64 स्वीकृत हस्तशिल्प और 6 जीआई (GI) मान्यता प्राप्त कलाकृतियों का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी। सरकार के अनुमान के अनुसार, इस परियोजना से पिपिली और उसके आसपास के क्षेत्रों के 6 हजार से अधिक कारीगर सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। कारीगरों के लिए एक कच्चा माल बैंक (Raw Material Bank) स्थापित करने के साथ-साथ उन्हें डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स का विशेष प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया जाएगा।
इस भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रख्यात चांदुआ शिल्पी सुरेश चंद्र महापात्र को उनके बहुमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, हस्तशिल्प मंत्री प्रदीप बल सामंत ने कहा कि यह हब पिपिली की अर्थव्यवस्था और हस्तशिल्प उद्योग को एक नई ऊंचाई और नई दिशा प्रदान करेगा।
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