कुंदन कुमार, पटना। प्रदेश में राबड़ी आवास खाली कराने को लेकर सियासत जारी है। इस बीच आज सोमवार (1 जून) को राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सम्राट सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, लोकतंत्र में ऐसा हमने नहीं देखा है कि विपक्ष की जो गरिमा है, उसको खत्म करने का काम सरकार कर रही है।
बदले की राजनीति कर रही सरकार- अब्दुल बारी सिद्दीकी
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि, लोकतंत्र में विपक्ष का काम है, सरकार की खामियों को उजागर करना सरकार के गलतियों को बताना। लेकिन हम लोग जब ऐसा करते हैं, तो सत्ता में बैठे लोग बदला लेने की सोच के साथ राजनीति कर रहे हैं। यही कारण है कि हमारे विधान परिषद के नेता रावड़ी देवी को आवास खाली करने का आदेश दिलवाया गया है, जबकि बिहार के कई सत्ता पक्ष के नेता हैं, जो सरकारी आवास के हकदार नहीं है और भवन निर्माण विभाग ने उन्हें सरकारी आवास दे रखा है।
अपने गिरेबां में झांके सरकार- अब्दुल बारी सिद्दीकी
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि, यह सरकार की अच्छी नीति नहीं है। हम इसका विरोध करते हैं और सरकार से कहते है कि पहले वो अपने गिरेबां में झांके फिर दूसरे को सलाह दे। इस दौरान राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और अन्य कई नेता मौजूद रहे।
गौरतलब है कि भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने का नोटिस दिया है। विभाग की ओर से यह बंगला बिहार सरकार में दलित मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किया गया है, जिसके बाद से प्रशासन और विभाग राबड़ी देवी पर बंगला खाली करने का दबाव बना रही है। वहीं, राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड बंगला आवंटित किया गया है।
लालू यादव लेंगे अंतिम फैसला
हालांकि फिलहाल राबड़ी देवी बंगला खाली करने के मूड में नहीं हैं। हालांकि इस बीच प्रशासन ने उन्हें बंगाल खाली करने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है। सूत्रों के अनुसार बंगला खाल करना है या नहीं? इसपर अंतिम फैसला राजद सुप्रीमो लालू यादव का ही होगा, जो फिलहाल अभी अपने इलाज के लिए सिंगापुर गए हुए हैं। 6 जून तक उनके पटना लौटने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि पटना लौटने के बाद ही लालू यादव तय करेंगे की बंगला खाली किया जाएगा या नहीं।
ये भी पढ़ें- टेंडर घोटाला: मंत्री सुनील कुमार की दो टूक, कोई कितना भी रसूखदार हो, कार्रवाई होकर रहेगी

