इंडियन नेशनल लोकदल ने अभय चौटाला को "हरियाणा का एक ही बब्बर शेर" बताते हुए एक पोस्टर जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसमें उनके संघर्ष और किसान आंदोलन के दौरान दिए गए इस्तीफे को प्रमुखता से दर्शाया गया है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। राजनीति में इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। पार्टी की ओर से जारी एक पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चौधरी अभय सिंह चौटाला को “हरियाणा का एक ही बब्बर शेर” बताया गया है।
पोस्टर में उन्हें ऐसा नेता दिखाया गया है जो “न डरा, न झुका और न ही बिका”। इस पोस्ट के जरिए INLD ने साफ संकेत देने की कोशिश की है कि पार्टी आज भी अभय चौटाला को किसान, मजदूर और आम जनता की आवाज के रूप में पेश कर रही है।
वायरल पोस्टर में अभय चौटाला की बड़ी तस्वीर के साथ लिखा गया है कि राजनीति के इस दौर में जहां “उसूलों का सौदा आम है”, वहां एक नेता आज भी चट्टान की तरह खड़ा है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि उन्होंने सत्ता की आंखों में आंखें डालकर जनता के हक की लड़ाई लड़ी और किसानों-मजदूरों की आवाज दबने नहीं दी। यही वजह है कि INLD समर्थक इस पोस्ट को बड़े स्तर पर शेयर कर रहे हैं और इसे अभय चौटाला की मजबूत राजनीतिक छवि से जोड़कर देख रहे हैं।
पोस्टर में किसान आंदोलन का जिक्र भी प्रमुखता से किया गया है। INLD नेताओं और समर्थकों का कहना है कि जब कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन चल रहा था, तब अभय चौटाला ने किसानों के समर्थन में सबसे पहले विधायक पद से इस्तीफा देकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया था।
पार्टी इसे आज भी “किसान सम्मान” की लड़ाई का सबसे बड़ा उदाहरण बताती है। इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए पोस्ट में उन्हें ऐसा नेता बताया गया है जो अपनी बात “डंके की चोट पर करके दिखाते हैं”।
INLD की इस पोस्ट को राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। हरियाणा में लगातार बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच पार्टी अपने पारंपरिक वोट बैंक—खासकर किसानों और ग्रामीण वर्ग—को फिर से मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि सोशल मीडिया के जरिए भावनात्मक और संघर्षशील छवि को उभारना INLD की बड़ी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
वहीं, पोस्टर में चौधरी देवीलाल की विचारधारा और विरासत का भी सीधा उल्लेख किया गया है। पार्टी ने संदेश देने की कोशिश की है कि अभय चौटाला उसी राजनीतिक सोच और जनसेवा की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। यही कारण है कि पोस्टर सामने आने के बाद समर्थकों ने इसे “देवीलाल की विरासत का असली वारिस” बताते हुए वायरल करना शुरू कर दिया।
हालांकि, विपक्षी दल इस पोस्ट को केवल राजनीतिक ब्रांडिंग और चुनावी माहौल बनाने की कोशिश बता रहे हैं। लेकिन इतना जरूर है कि “हरियाणा का एक ही बब्बर शेर” वाला नारा अब सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा बटोर रहा है और INLD समर्थकों के बीच नया राजनीतिक उत्साह पैदा करता दिखाई दे रहा है

