Abhijeet Dipke React On Saurav Das-Ashutosh Ranka Jail Sentence: प्रतिबंधित दिल्ली जंतर-मंतर में बिना इजाजत जंतर-मंतर में घुसनकर प्रदर्शन करने के कारण कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) नेता सौरव दास-आशुतोष रांका को 5 दिन की जेल की सजा मिली है। सौरव दास और आशुतोष रांका के न्यायिक हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने रिएक्ट किया है। सीजेपी नेताओं को जेल की सजा मिलने से भड़के सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने सीधे पीएम मोदी को चैलेंज किया है।

सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- आशु और सौरव को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उनकी गलती? जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराना. थोड़ी हिम्मत दिखाइए, नरेंद्र मोदी। अगर आप विरोध की आवाज को दबाने के लिए इतने ही पक्के इरादे वाले हैं, तो इन कायरतापूर्ण तरीकों की आड़ लेने के बजाय आधिकारिक तौर पर आपातकाल (Emergency) घोषित करने की हिम्मत दिखाइए।

वहीं सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने लिखा, सौरव और आशुतोष को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अजिंक्य को पर्सनल बॉन्ड पर रिहा किया गया है। गिरफ्तारी के कारण वही थे। पता चला है कि SEM का प्रदर्शनकारियों को सजा देने का पुराना रिकॉर्ड रहा है। कायर सरकार।

बता दें कि 13 अक्टूबर को हिरासत में लेने के 24 घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को दिल्ली की स्पेशल कोर्ट (SEM) में पेश किया। कोर्ट ने तीनों को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इन दोनों के अलावा अजिंक्य शिंदे को रिहा कर दिया गया है। अजिंक्य शिंदे को एक साल का बॉन्ड भरवाने के बाद रिहा किया है। रिहा होने के बाद उन्होंने कहा, अंग्रेजों वाली सरकार मोदी और शाह चला रहे हैं। आज सीजेपी की मीटिंग होगी उसके बाद फैसला लेंगे आगे की कार्रवाई का। आशुतोष और सौरव सिर ऊंचा करके जेल में जा रहे हैं।

11 अक्टूबर को 50-50 हजार के मुचलके पर छूटे CJP नेता

इससे पहले CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर और SIR के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था।तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद उन्हें 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। रिहाई की शर्त के मुताबिक, तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखनी थी।

BNSS की धारा 163 का उल्लंघन किया: दिल्ली पुलिस

पुलिस के मुताबिक, सौरव दास और आशुतोष रांका ने भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 का दोबारा उल्लंघन किया है। पुलिस ने उन्हें रिपीट ऑफेंडर बताते हुए उनके पिछले आचरण का हवाला दिया। पुलिस ने बताया कि दोनों ने बेल बॉन्ड की शर्तों को तोड़ा है, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है।

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