देहरादून. गुरुवार को वादी डॉ. विनय कुमार पटेल परीक्षा नियंत्रक वीर माधव सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिनी विश्वविद्यालय देहरादून की ओर से कोतवाली प्रेमनगर पर एक लिखित तहरीर दी. उत्तराखण्ड प्रौद्योगिनी विश्वविद्यालय की सम-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान बीते 8 जुलाई को आयोजित परीक्षा के सम्बन्ध में विश्वविद्यालय को एक ई-मेल प्राप्त हुआ. जिसमें 3 जुलाई को शिवालिक कॉलेज ऑफ इन्जीनियरिंग देहरादून में नियुक्त सहायक प्रोफेसर द्वारा व्हट्सअप ग्रुप के माध्यम से कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को शेयर किए जाने की जानकारी दी गई. जिसका परीक्षा सम्पन्न होने के बाद प्रश्न पत्र से मिलान किया गया तो उक्त प्रश्नों में काफी समानता पाई गई.
उक्त सम्बन्ध में विश्वविद्यालय की ओर से गठित की गई आन्तरिक जांच समिति की जांच के दौरान भी उक्त सहायक प्रोफेसर द्वारा परीक्षा से पूर्व छात्रों के आन्तरिक पोर्टल, व्हाट्सअप पर परीक्षा से सम्बन्धित समान प्रश्नों को साझा किया जाना प्रकाश में आया. शिवालिक कालेज आफ इन्जीनियरिंग में नियुक्त सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता द्वारा छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता को भंग किया. वादी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली प्रेमनगर पर अभियोग पंजीकृत किया गया है.
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प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत एसएसपी देहरादून द्वारा अभियोग में त्वरित साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए अभियोग में नामजद अभियुक्त के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये, जिस पर विवेचक द्वारा अभियोग में गवाहों के बयान, प्राप्त दस्तावेजी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोग मे नामजद अभियुक्त आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर शिवालिक कालेज ऑफ इन्जीनियरिंग झाझरा को गिरफ्तार किया गया है. अभियुक्त से प्राप्त उपकरणों के संबंध में जांच की जा रही है और उक्त प्रकरण में सलिप्त अन्य अभियुक्त गणों के संबंध में साक्ष्य एकत्रित कर नियम अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.


