रोहतक। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकक्रोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने गई रोहतक की सरकारी शिक्षिका के निलंबन का मामला चर्चा में है। रैनकपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका सुलेखा दलाल को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से निलंबित किए जाने का पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

निलंबन के बाद शिक्षिका सुलेखा दलाल ने कहा कि वह बच्चों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। उनका कहना है कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द हो रही हैं और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।

सुलेखा दलाल ने दी सफाई
सुलेखा दलाल ने कहा कि उनका बेटा अंश डबास बीएड की पढ़ाई कर रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटा है। ऐसे में एक मां होने के नाते वह अपने बेटे और अन्य युवाओं की आवाज उठाने के लिए प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं था।

उन्होंने कहा कि यदि युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की आवाज उठाने के कारण उन्हें निलंबित किया गया है, तो वह इसका सामना करने के लिए तैयार हैं।वहीं, इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। फिलहाल निलंबन को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।