संजीत कबलाना,झज्जर। जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर किसी भी तरह की अफवाह और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने मंगलवार को अधिकारियों, ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों और पेट्रोल पंप एसोसिएशन के साथ बैठक कर पेट्रोलियम उत्पादों की अवैध ढुलाई, जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

लघु सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में डीसी ने साफ कहा कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। आम नागरिकों को घबराकर अतिरिक्त खरीदारी या भंडारण करने की जरूरत नहीं है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

उपायुक्त ने बताया कि झज्जर जिले में कुल 177 पेट्रोल पंप संचालित हैं और सभी स्थानों पर ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पेट्रोल पंपों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। यदि किसी पंप पर पेट्रोल या डीजल की बिक्री में अचानक और असामान्य बढ़ोतरी दिखाई दे तो तत्काल जांच की जाए।

डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि किसी भी स्थिति में पेट्रोलियम उत्पादों की Bulk Sale नहीं होनी चाहिए। इसके लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाने और स्पॉट निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बिना वैध बिल, डिलीवरी चालान और सुरक्षा प्रमाणपत्र के पेट्रोल-डीजल ले जाने वाले टैंकरों की सघन जांच करने को कहा गया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और पेट्रोलियम नियंत्रण कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर वाहन जब्त भी किए जाएंगे।

बैठक में यह भी तय किया गया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, पुलिस विभाग और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां संयुक्त रूप से निगरानी अभियान चलाएंगी। मांग और आपूर्ति के आंकड़ों की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके।

डीसी ने आम जनता से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें। जिला प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बैठक में एडीसी जगनिवास, एसीपी अनिरुद्ध चौहान, डीएफएससी राजेश्वर मुदगिल, जिला पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष नसीब सिंह कादयान सहित कई अधिकारी और पेट्रोल पंप संचालक मौजूद रहे।