बांग्लादेश के चुनावी इतिहास में आज 35 साल बाद राष्ट्रपति चुनाव के लिए 349 सांसद मतदान करेंगे. राष्ट्रपति पद के लिए संसद में वास्तविक वोटिंग हो रही है. BNP ने अपने महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने ओली अहमद को मैदान में उतारा है. चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदान संसद यानी जातीय संसद में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगा.

यह बांग्लादेश में 35 साल बाद पहला राष्ट्रपति चुनाव है, जिसमें मुकाबला हो रहा है. निर्वाचन आयोग ने 16 अगस्त को दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को सही मानते हुए मंजूर कर लिया था.

BNP ने 78 वर्षीय मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि 84 वर्षीय ओली अहमद 11 दलों वाले विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार हैं. 

अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी मोहम्मद शहाबुद्दीन ने पिछले महीने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने से पहले ही स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था. सबसे बड़ी खास बात यह है कि 1991 के बाद यह पहली बार है, जब बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए चुनावी मुकाबला हो रहा है. 

बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, देश के राष्ट्रपति का पद खाली होने के 90 दिनों के अंदर नए राष्ट्रपति का चुनाव होना अनिवार्य है. संख्या बल के कारण आलमगीर की स्थिति बेहद मजबूत मानी जा रही है. कहा जा रहा है कि वह बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति चुने जा सकते हैं.

आपको बताते चले कि बांग्लादेश की संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति मुख्य रूप से एक औपचारिक संवैधानिक प्रमुख होते हैं, जिनके पास प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति तथा सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर का अधिकार होता है.

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