लखनऊ. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के राम मंदिर दान प्रकरण पर दिए गए बयान के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि आखिरकार “सुरंगजीवियों” को बाहर आना ही पड़ा, क्योंकि अब अपयश का पानी सुरंग में गले तक भर गया है.

शनिवार को पार्टी की तरफ से जारी बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि 140 करोड़ देशवासी और दुनिया भर के चंदा-दान देने वाले सनातनी यह सवाल पूछ रहे हैं कि हर मुद्दे पर आगे रहने वाले लोग इस गंभीर मामले में खुद सामने क्यों नहीं आए और अपने से पीछे वाले को सफाई देने के लिए आगे क्यों कर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि क्या जनाक्रोश और महापाप के दोष से बचने के लिए यह रणनीति अपनाई गई है.

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सपा प्रमुख ने कहा कि जो लोग पहले षड्यंत्र करते रहे हैं, अब वे आपस में ही एक-दूसरे की मुखबिरी कर रहे हैं और बंटवारे की लड़ाई में कई राज सामने आएंगे. उन्होंने कहा कि जो लोग “सेंध लगाकर बोरी भरकर सुरंग के रास्ते बहुत दूर निकल गए हैं”, उन्हें याद रखना चाहिए कि जहां यह रास्ता खत्म होगा, वहां सत्य उनके कर्मों का हिसाब लेने के लिए खड़ा मिलेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि प्रभु के खजाने में किसी तरह की लूट हुई है तो उसे न अयोध्या माफ करेगी, न देश और न ही वह परम प्रभु, जिनके नाम पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने दान दिया है.

दत्तात्रेय होसबोले ने यह दिया था बयान

गौरतलब है कि आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने एक दिन पूर्व राम मंदिर दान प्रकरण पर अपना पहला आधिकारिक बयान जारी करते हुए घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बताया था। उन्होंने कहा था कि जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को वित्तीय प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।