सतीश सिंह, लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पेपर लीक, छात्रों के उत्पीड़न और दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को संसद के मकर द्वार पर विपक्षी दलों के सांसदों के साथ विरोध-प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी.

अखिलेश यादव ने कहा कि छात्र-नौजवान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसा क्या दबाव है कि सरकार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं ले पा रही है. सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले में छात्रों को न्याय नहीं मिला और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया. उन्होंने दावा किया कि इस दौरान कई छात्रों के सिर फूटे, हड्डियां टूटीं और छात्राओं के कपड़े तक फाड़े गए. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छात्रों से संवाद करने के बजाय दमन की राजनीति कर रही है.

इसे भी पढ़ें : सपा मुख्यालय पर डिंपल यादव के पोस्टर, दिल्ली आंदोलन को लेकर युवाओं के बीच दिया सियासी संदेश

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में देशभर में 150 से ज्यादा और उत्तर प्रदेश में 20 से ज्यादा पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष और छात्रों की मांग एक ही है. पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें और छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर सरकार जवाब दे. उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य का सवाल है. अगर छात्रों की बात नहीं सुनी जाएगी तो विपक्ष सड़क से लेकर संसद तक उनकी आवाज बुलंद करता रहेगा. उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री आवास तक जाना पड़ा.

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्र-नौजवानों के साथ खड़ी है और उनके न्याय की लड़ाई आगे भी लड़ती रहेगी.