कुंदन कुमार/पटना/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री (भाजपा नेता) सम्राट चौधरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर किए गए एक पोस्ट में अखिलेश यादव ने बेहद तल्ख भाषा का इस्तेमाल करते हुए सम्राट चौधरी की साख और राजनीतिक शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

गंभीर आरोपों की बौछार
अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में सम्राट चौधरी को निशाने पर लेते हुए उन्हें जघन्य अपराध करने वाला करार दिया। सपा प्रमुख ने एक सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने कानूनी अपराधों की सजा से बचने के लिए दस्तावेजों में अपनी उम्र तक बदल ली। अखिलेश ने इसे न्याय प्रणाली के साथ धोखाधड़ी बताते हुए उनके नैतिक आधार को चुनौती दी है।
दल-बदल और विचारहीनता पर कटाक्ष
राजनीतिक अस्थिरता और वैचारिक प्रतिबद्धता पर वार करते हुए अखिलेश ने लिखा कि सम्राट चौधरी विचारहीन और सिद्धांतहीन नेता हैं, जो केवल सत्ता के लिए दल पर दल बदलने में माहिर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चौधरी ने छल-कपट का सहारा लेकर दूसरों को उनके पद से हटाया है। अखिलेश के अनुसार, ऐसे व्यक्ति का सार्वजनिक जीवन में उच्च पद पर बैठना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
भ्रष्टाचार के ‘शिरोमणि’ का खिताब
सपा अध्यक्ष ने सम्राट चौधरी को भ्रष्टाचार का शिरोमणि संबोधित करते हुए बिहार की नई सरकार के गठन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जो व्यक्ति इतने गंभीर आरोपों और विवादों से घिरा हो, उसे बिहार जैसे महत्वपूर्ण राज्य का मुख्यमंत्री (उप-मुख्यमंत्री/नेतृत्वकर्ता) क्यों बनाया गया है?
अखिलेश यादव का यह हमला न केवल बिहार की एनडीए सरकार पर सीधा प्रहार है, बल्कि यह आगामी लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी गठबंधन की आक्रामक रणनीति को भी दर्शाता है। इस ट्वीट ने बिहार से लेकर यूपी तक की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
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