आशुतोष द्विवेदी, रीवा। रीवा की राजनीति में एक कथित वायरल ऑडियो ने नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस कथित ऑडियो को लेकर पत्रकारिता की स्वतंत्रता, जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और सत्ता के प्रभाव को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि वायरल कथित ऑडियो रीवा महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ से जुड़ा है। ऑडियो में कथित तौर पर एक पत्रकार से बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों से चर्चा, पत्रकारों से संबंध, खबर हटाने, खबर को “बैलेंस” करने और मुलाकात के बाद बात करने जैसी बातें सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। इसी कथित बातचीत के कुछ अंशों को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स ने क्या कुछ कहां…
फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग इस कथित ऑडियो को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। कुछ लोग इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि यदि किसी खबर पर आपत्ति थी, तो उसका जवाब तथ्यों, दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाना चाहिए था। वहीं समर्थकों का कहना है कि बिना पूरी सच्चाई जाने किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि लोकतंत्र में सवाल पूछने वालों को जवाब तथ्यों से दिया जाएगा या प्रभाव और दबाव की धारणा पैदा करने वाले तरीकों से? हालांकि, वायरल कथित ऑडियो की प्रामाणिकता, उसमें मौजूद आवाज़ और बातचीत का वास्तविक संदर्भ संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन चुका है। समर्थक और विरोधी अपने-अपने तर्क दे रहे हैं, लेकिन एक बात तय है कि इस कथित वायरल ऑडियो ने रीवा में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारिता की भूमिका को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति पर टिकी हैं।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

