कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। बिहार की राजधानी पटना सहित राज्य के सभी जिलों में आधुनिक फूल मंडियां स्थापित करने की मांग को लेकर माली-मालाकार समाज का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी प्रभात मालाकार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिला। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सकारात्मक आश्वासन दिया है।

आजीविका और परंपरा का अभिन्न हिस्सा
बिहार में फूलों का उत्पादन और व्यापार हजारों परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार है। माली समाज पीढ़ियों से इस पारंपरिक कार्य से जुड़ा रहा है। फूल हमारे धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बावजूद इसके राज्य में उत्पादकों के लिए कोई संगठित व्यवस्था नहीं है।
भंडारण और परिवहन की बड़ी चुनौती
फूल एक अत्यंत जल्दी खराब होने वाला (नश्वर) उत्पाद है। उचित बाजार, भंडारण और परिवहन सुविधाओं के अभाव में किसानों और छोटे व्यापारियों को अपनी उपज बिचौलियों के माध्यम से औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।
पटना में आधुनिक फूल मंडी की आवश्यकता
पटना राज्य का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां विभिन्न जिलों से भारी मात्रा में फूल आते हैं। हालांकि, यहां कोई समेकित और व्यवस्थित थोक मंडी उपलब्ध नहीं है। कारोबार के अलग-अलग स्थानों पर बिखरे होने के कारण यातायात, पार्किंग और स्वच्छता जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। एक केंद्रीय आधुनिक मंडी बनने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
संभावित स्थल और आधुनिक सुविधाएं
प्रतिनिधिमंडल ने पटना में मंडी के लिए जक्कनपुर थाना के पीछे, कृषि भवन के निकट, हार्डिंग पार्क खेल मैदान के पीछे, चिरैयाटांड ओवरब्रिज और जीपीओ गोलंबर के आसपास के क्षेत्रों का सुझाव दिया है।
प्रस्तावित मंडी में यह आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है:
- व्यवस्थित दुकानें और स्टॉल
- कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक कोल्ड चेन
- पारदर्शी नीलामी व्यवस्था
- पर्याप्त पार्किंग और लॉजिस्टिक सुविधाएं
- डिजिटल खरीद-बिक्री प्लेटफॉर्म
जिला स्तर पर नेटवर्क का विस्तार
पटना के अलावा बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में चरणबद्ध तरीके से फूल मंडियां स्थापित करने का आग्रह किया गया है, जिससे किसानों की बिचौलियों पर निर्भरता समाप्त हो सके। इन सभी जिला मंडियों को पटना की मुख्य मंडी से जोड़कर एक मजबूत राज्यव्यापी नेटवर्क तैयार किया जा सके। मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में मनोज कुमार मालाकार, शत्रुध्न भक्त मालाकार, पींटू मालाकार और पींकू मालाकार शामिल रहे।


