Business Desk – Aluminium Stocks Crash : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एल्युमिनियम कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली. वेदांता, हिंदाल्को और नाल्को जैसे प्रमुख एल्युमिनियम उत्पादकों के शेयर दबाव में रहे. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान और अमेरिका के बीच संभावित समझौते तथा वैश्विक स्तर पर एल्युमिनियम की कीमतों में नरमी की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

क्यों गिरे एल्युमिनियम शेयर?

दरअसल, ईरान पर लगे प्रतिबंधों में नरमी या किसी तरह के समझौते की स्थिति में वैश्विक बाजार में धातुओं और ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति बढ़ सकती है. इससे एल्युमिनियम समेत कई कमोडिटी की कीमतों पर दबाव आने की संभावना है. निवेशकों को डर है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एल्युमिनियम के भाव कमजोर होते हैं तो भारतीय कंपनियों के मुनाफे पर भी असर पड़ सकता है.

वेदांता, हिंदाल्को और नाल्को पर दबाव

इसी आशंका के चलते वेदांता, हिंदाल्को और नाल्को के शेयरों में बिकवाली हावी रही. धातु क्षेत्र के शेयरों में कमजोरी का असर व्यापक बाजार पर भी देखने को मिला. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट को केवल घबराहट में की गई बिकवाली के नजरिए से नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसके पीछे वैश्विक कमोडिटी बाजार की बदलती परिस्थितियां भी जिम्मेदार हैं.

क्या निवेशकों को शेयर बेच देने चाहिए?

बाजार जानकारों के अनुसार एल्युमिनियम सेक्टर की कंपनियों की लंबी अवधि की संभावनाएं अभी भी मजबूत बनी हुई हैं. इलेक्ट्रिक वाहन, इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा और निर्माण क्षेत्र में एल्युमिनियम की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में केवल एक-दो कारोबारी सत्र की गिरावट के आधार पर निवेश संबंधी फैसला लेना उचित नहीं होगा.

विशेषज्ञों की क्या है सलाह?

विशेषज्ञों का मानना है कि जिन निवेशकों का नजरिया लंबी अवधि का है, उन्हें घबराकर शेयर बेचने की बजाय वैश्विक कमोडिटी कीमतों, चीन की मांग, अमेरिकी आर्थिक संकेतकों और कंपनी के आगामी नतीजों पर नजर रखनी चाहिए. वहीं अल्पकालिक निवेशकों को शेयरों में बढ़ती अस्थिरता को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.

कुल मिलाकर, ईरान-अमेरिका डील की खबरों ने एल्युमिनियम शेयरों पर दबाव जरूर बढ़ाया है, लेकिन बाजार विशेषज्ञ फिलहाल इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खतरे की घंटी नहीं मान रहे हैं. निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय बाजार के अगले संकेतों का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है.