सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कुर्मी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. राजभर ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट लिखकर कहा कि उन्होंने एक दिन पहले भी अखिलेश यादव से यही सवाल पूछा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला.

राजभर ने लिखा कि कुर्मी समाज भी उसी पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) का हिस्सा है, जिसके नाम पर समाजवादी पार्टी वोट मांगती है. ऐसे में वह जानना चाहते हैं कि आखिर अखिलेश यादव को कुर्मी समाज से इतनी नाराजगी क्यों है और वह हमेशा इस समाज के खिलाफ क्यों खड़े नजर आते हैं.

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अपने आरोपों के समर्थन में राजभर ने तीन उदाहरण भी दिए. उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस के सिपाही अभिषेक पटेल ने अपनी जान बचाने के लिए हवाई फायर किया था, लेकिन अखिलेश यादव ने ट्वीट कर उन्हें अपराधी बताया, जिसके बाद सिपाही को निलंबित कर दिया गया. राजभर ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अखिलेश यादव ने आंदोलन किया और गिरफ्तारी भी दी. लेकिन जब अपना दल के संस्थापक और सामाजिक न्याय के नेता डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती आई, तब उन्होंने न कोई कार्यक्रम किया और न ही एक ट्वीट किया.

पोस्ट में राजभर ने यह आरोप भी लगाया कि अखिलेश यादव अपनी जाति के लोगों के लिए खुलकर खड़े होते हैं, लेकिन कुर्मी समाज के प्रति उनका रवैया अलग रहता है. उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज शिक्षा और अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ने में विश्वास रखता है, न कि गुंडागर्दी या माफियागीरी में. राजभर ने अंत में कहा कि उनके इस सवाल का जवाब सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि पूरे कुर्मी समाज को चाहिए और वह चाहते हैं कि अखिलेश यादव इस पर अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखें.