कानपुर देहात में सपा जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह पाल ने हनुमान जी और धार्मिक कथाओं को लेकर तर्क देते हुए बयान दिया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया. बीजेपी नेता अनिल शुक्ला वारसी ने बयान पर पलटवार करते हुए धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर टिप्पणी को लेकर आपत्ति जताई.

कानपुर देहात. समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष अमर सिंह पाल के भगवान हनुमान जी और धार्मिक कथाओं को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. बीजेपी नेता अनिल शुक्ला वारसी ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि अमर सिंह पाल अब रामायण की बुराई कर रहे हैं और ऐसी टिप्पणियों से माहौल खराब हो सकता है.

दरअसल, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे अमर सिंह पाल ने भगवान हनुमान जी से जुड़ी कथाओं पर अपने तर्क रखे. उन्होंने धार्मिक कथाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हनुमान जी जब लंका पहुंचे थे तो रावण के आदेश पर उनकी पूंछ में आग लगा दी गई थी.

लंका के सोने पर तर्क

अमर सिंह पाल ने कहा कि इसके बाद हनुमान जी ने उछल-कूद करते हुए पूरी लंका को जला दिया था. इस प्रसंग पर तर्क देते हुए उन्होंने कहा, “मैं पिछले 30 सालों से सराफे का काम कर रहा हूं, मेरा अनुभव कहता है कि सोना कभी जलता नहीं है. मिट्टी के तेल और कपड़े की आग से सोने को नहीं जलाया जा सकता. सोना सिर्फ पिघल सकता है, लेकिन जलकर कभी राख नहीं हो सकता. ऐसे में अगर लंका जलकर राख हो गई, तो वह सोने की कैसे रही?”

सपा नेता ने हनुमान जी और मकरध्वज से जुड़ी कथा का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि लंका दहन के बाद हनुमान जी अपनी पूंछ की आग बुझाने के लिए समुद्र में कूदे थे, जिससे उनका पसीना समुद्र के पानी में गिर गया.

कथा के अनुसार, यही पसीना एक मछली के पेट में पहुंचा, जिससे मकरध्वज का जन्म हुआ. अमर सिंह पाल ने इस प्रसंग पर वैज्ञानिक तर्क देते हुए कहा कि पसीने में शुक्राणु नहीं होते और बिना शुक्राणु के गर्भाधान संभव नहीं है.

मकरध्वज की कथा पर सवाल

उन्होंने कहा कि यदि यह मान भी लिया जाए कि मछली गर्भवती हुई, तो विज्ञान के अनुसार मछली अंडे देती है. इसलिए मछली के बच्चे को जन्म देने की बात भी सवाल खड़े करती है.

अमर सिंह पाल ने कहा कि शिक्षा ग्रहण करने के बाद लोगों को मंच पर तर्क और तथ्यों के साथ बात करनी चाहिए. साथ ही उन्होंने पेरियार ई.वी. रामासामी, रामस्वरूप वर्मा, डॉ. भीमराव अंबेडकर और गौतम बुद्ध के बताए रास्ते पर चलने की जरूरत बताई.

उन्होंने कहा कि अगर समाज पाखंड में फंसा रहेगा और पाखंडियों की बात मानता रहेगा तो उसका भला नहीं हो सकता.

बीजेपी नेता का पलटवार

उधर, अमर सिंह पाल के बयान पर बीजेपी नेता अनिल शुक्ला वारसी ने पलटवार किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमर सिंह पाल का काम केवल रामायण की बुराई करना रह गया है और अब वे भगवान हनुमान को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कर रहे हैं.

वारसी ने कहा कि कोई भगवान को माने या न माने, लेकिन धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर ऐसी टिप्पणी करने से माहौल खराब हो सकता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केवल मुस्लिमों का वोट हासिल करने के लिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं.