यमुनानगर: अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में किसानों का गुस्सा एक बार फिर सड़क पर दिखाई दिया। संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के आह्वान पर किसानों ने जगाधरी की अनाज मंडी में जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद किसानों ने जेल भरो आंदोलन के तहत अपनी गिरफ्तारियां दीं।

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए जगाधरी अनाज मंडी के गेट पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मंडी परिसर और आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। स्थिति पर नजर रखने के लिए डीएसपी रजत गुलिया और राजीव मिगलानी भी मौके पर मौजूद रहे।

सुबह से ही जगाधरी अनाज मंडी में किसानों का जुटना शुरू हो गया था। संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले पहुंचे किसानों ने अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि इस प्रस्तावित डील का सीधा असर खेती और किसानों की आमदनी पर पड़ सकता है, इसलिए वे अपने हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसान हितों को प्राथमिकता देने की मांग उठाई। इसके बाद किसानों ने जेल भरो आंदोलन के तहत सामूहिक गिरफ्तारियां दीं। पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया और पुलिस लाइन पहुंचाया।

‘किसानों की आवाज दबा रही सरकार’

यमुनानगर जिला प्रधान सुभाष गुर्जर ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

सुभाष गुर्जर ने कहा, “यह तानाशाही सरकार है, किसानों को राजघराने के घर मजदूरी करने को मजबूर कर रही है।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसानों को अपने हक के लिए सड़क पर उतरना पड़ा तो वे इससे भी पीछे नहीं हटेंगे।

किसानों की गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। अब देखना होगा कि अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों का यह आंदोलन आने वाले दिनों में कितना बड़ा रूप लेता है और सरकार किसान संगठनों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।