अमेठी. अमेठी के गौरीगंज में चर्चित अंकित कश्यप हत्याकांड के बाद भड़के जनआक्रोश और पुलिस पर पथराव के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा, सड़क जाम, पथराव और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप में 8 नामजद और 25 अज्ञात समेत कुल 33 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस एफआईआर में मृतक अंकित कश्यप के परिवार के किसी सदस्य को आरोपी नहीं बनाया गया है. मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है.
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न्याय की मांग को लेकर सड़क जाम, फिर बिगड़े हालात
3 अगस्त की देर शाम 22 वर्षीय अंकित कश्यप की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी. पोस्टमार्टम के बाद जब शव परिजनों को सौंपा गया तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की.
जब पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास किया तो भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस टीम पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया गया.
पथराव में तीन दारोगा घायल, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
पथराव की घटना में उपनिरीक्षक कृपाशंकर यादव, रामकरन सिंह और शिवेंद्र प्रताप सिंह घायल हो गए. तीनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया. अमेठी के पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने बताया कि उपनिरीक्षक कृपाशंकर यादव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की मदद से अन्य उपद्रवियों की पहचान कर रही है.
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मुख्य आरोपी समेत चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, अंकित कश्यप की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी. आरोप है कि हमलावरों ने धारदार हथियार से उसकी हत्या की. मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सुखई यादव को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार किया था. इस केस में अब तक मुख्य आरोपी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. पुलिस का कहना है कि हत्या और उपद्रव दोनों मामलों की अलग-अलग जांच की जा रही है. दोषियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.


