मोरहाबादी से शहीद चौक जाने के लिए कचहरी चौक और न्यूक्लियस मॉल वाले रास्ते से गुजरा काफिला, सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने किया बदलाव

रांची। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोरहाबादी मैदान में ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्हें शहीद चौक स्थित शहीद स्थल पर ध्वजारोहण के लिए जाना था। जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मुख्यमंत्री के काफिले का रूट बदल दिया।

सुरक्षा के मद्देनजर मुख्यमंत्री का काफिला मोरहाबादी मैदान से कचहरी चौक और न्यूक्लियस मॉल होते हुए शहीद चौक पहुंचा। शहीद स्थल पर ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री इसी वैकल्पिक मार्ग से वापस लौटे।

पुलिस ने छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए एहतियातन मुख्य मार्ग में बदलाव किया, ताकि मुख्यमंत्री के आवागमन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।

JPSC विवाद पर CM का बड़ा संदेश

मोरहाबादी मैदान में ध्वजारोहण के बाद मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए JPSC प्रकरण पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लाखों युवा अपने सपनों को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं और उनके माता-पिता अपनी क्षमता से बढ़कर उनकी पढ़ाई पर खर्च कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है कि युवाओं की मेहनत का सम्मान हो और उनकी प्रतिभा को न्याय मिले।

‘एक परीक्षा नहीं, पूरी पीढ़ी का विश्वास प्रभावित होता है’

हेमंत सोरेन ने कहा, “मैं जानता हूं कि पिछले कुछ समय में भर्ती परीक्षाओं को लेकर अनेक प्रश्न उठे हैं। जब परीक्षा व्यवस्था पर संदेह पैदा होता है, तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती, बल्कि पूरी एक पीढ़ी का विश्वास प्रभावित होता है।”उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।

‘दूसरे राज्यों में क्या हुआ, उससे झारखंड की जिम्मेदारी कम नहीं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कई राज्यों और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। यह पूरे देश के सामने एक गंभीर चुनौती है।

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरे राज्यों में क्या हुआ, इससे झारखंड की जिम्मेदारी कम नहीं होती। सरकार को राज्य की भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के विश्वास को बनाए रखने की दिशा में काम करना होगा।