अमृतसर : अमृतसर में सोमवार को डीसी दफ्तर के बाहर किसानों समेत विभिन्न कर्मचारी, मजदूर और महिला वर्कर संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर रोष प्रदर्शन किया।

इस दौरान बड़ी संख्या में किसान शामिल थे. इसके अलावा आंगनवाड़ी वर्करों, आशा वर्करों, मिड-डे मील वर्करों, भट्ठा मजदूरों सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन में शामिल हो कर अपनी नाराजगी व्यक्त की. इन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्र और पंजाब सरकार लगातार इनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है.हालात को देखते हुए बड़ी संख्या में यहां पुलिस बल तैनात थे जो स्थिति को संभालने हुए थे.

विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान नेता परमिंदर सिंह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की 28 जुलाई को हुई बैठक में 10 अगस्त को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की तर्ज पर देशव्यापी संघर्ष शुरू करने का आह्वान किया गया था. उन्होंने कहा कि किसान संगठन अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट और अमेरिकी दबाव वाली नीतियों का विरोध कर रहे हैं. किसान नेताओं का आरोप है कि अमेरिका की ओर से भारत की व्यापार और विदेश नीतियों को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है. इससे पंजाब पर इसका व्यापक असर पड़ेगा.

बड़े आंदोलन की जरूरत

परमिंदर सिंह ने कहा कि किसानों की ओर से पहले भी ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल मार्च, गांव स्तर पर बैठकें और धरने देकर अपना विरोध दर्ज कराया जा चुका है. उन्होंने कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन की तरह इस संघर्ष को भी बड़े स्तर पर ले जाने की जरूरत है. उन्होंने किसानों, मजदूरों, आंगनवाड़ी और आशा वर्करों, युवाओं तथा विद्यार्थियों को साझा संघर्ष से जोड़ने की अपील की.

वहीं आंगनवाड़ी वर्कर यूनियन की जिला प्रधान गुरविंदर कौर ने पंजाब सरकार पर वर्करों से किए वादे पूरे नहीं करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार बनने से पहले आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों के मानदेय में बढ़ोतरी का वादा किया गया था, लेकिन उनके अनुसार लंबे समय के बाद भी उम्मीद के मुताबिक बढ़ोतरी नहीं हुई।

प्रदर्शन के दौरान जिला राजस्व अधिकारी नवकीरत सिंह रंधावा ने प्रदर्शनकारियों से मांगपत्र प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से संबंधित मांगों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा.