अमृतसर। अमृतसर के वडाली इलाके के पास स्थित गुरुद्वारा संगतसर साहिब (बाबा संगत सिंह जी) में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ गुरुद्वारा साहिब के सुखासन स्थान पर अचानक आग लग जाने के कारण श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के दो पावन स्वरूपों की जिल्दें (बाइंडिंग) क्षतिग्रस्त हो गई हैं। हालांकि, मिली जानकारी के अनुसार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन अंग (पन्ने) पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी तरह का अन्य बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।

पंखा गर्म होने के कारण हुआ शॉर्ट सर्किट

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे एसीपी कंवलजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। उन्होंने बताया कि रात के समय चल रहा एक पंखा अत्यधिक गर्म हो गया था, जिससे उसमें शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। आग लगने के बाद वह जलता हुआ पंखा नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से सुखासन स्थान पर सुशोभित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों की जिल्दों को नुकसान पहुंचा।

गुरुद्वारा साहिब में नहीं लगे थे सीसीटीवी कैमरे

पुलिस अधिकारी ने यह भी खुलासा किया कि गुरुद्वारा साहिब के भीतर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हुए थे। उन्होंने कहा कि यदि वहां कैमरे लगे होते, तो घटना के सारे हालात और कारण और भी स्पष्ट रूप से सामने आ सकते थे। सीसीटीवी न होने के कारण अब जांच टीम अन्य तकनीकी पहलुओं और मौके से जुटाए गए सबूतों के आधार पर ही सभी तथ्यों की गहराई से जांच कर रही है।

शिकायत मिलने के बाद होगी अगली कानूनी कार्रवाई

एसीपी कंवलजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि अभी तक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से पुलिस को कोई भी लिखित शिकायत नहीं दी गई है, जिसके कारण फिलहाल कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। शिरोमणि कमेटी द्वारा जो भी रिपोर्ट और लिखित शिकायत दी जाएगी, उसी के आधार पर आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

दूसरी ओर, इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की धर्म प्रचार कमेटी के प्रतिनिधि भी तुरंत मौके पर पहुंचे। एसजीपीसी ने अपने स्तर पर भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि घटना के समय गुरुद्वारा साहिब के भीतर सेवा निभा रहे ग्रंथी सिंहों से पूरी जानकारी ली जा रही है और इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपी जाएगी।