डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के 92वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को संस्कार देखकर जीवनसाथी चुनने की सीख दी। समारोह में 79,832 विद्यार्थियों को उपाधियां और 64 मेधावियों को 88 पदक प्रदान किए गए, जिनमें 46 पदक छात्राओं के नाम रहे।

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के 92वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का अनोखा संगम देखने को मिला। समारोह की अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को एक ऐसा संदेश दिया, जिसकी पूरे कार्यक्रम में सबसे अधिक चर्चा रही। उन्होंने कहा कि “जीवनसाथी का चयन धन-संपत्ति, मकान या गाड़ी देखकर नहीं, बल्कि उसके संस्कार, सम्मान और सहयोग की भावना को देखकर करना चाहिए।”

महिलाओं की नेतृत्व क्षमता पर भरोसा

राज्यपाल ने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और समाज में उनकी नेतृत्व क्षमता लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगी।

79,832 विद्यार्थियों को मिलीं उपाधियां

दीक्षांत समारोह में 79,832 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 64 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 88 पदक दिए गए। खास बात यह रही कि 46 पदक छात्राओं और 18 पदक छात्रों ने हासिल किए, जिससे एक बार फिर बेटियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

मुख्य अतिथि का संबोधन

समारोह के मुख्य अतिथि, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा ने विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल डिग्री नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और नवाचार का संतुलित मॉडल है। उन्होंने युवाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का नैतिक उपयोग, आजीवन सीखते रहने और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश

राज्यपाल ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से शिक्षा को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का साधन बनाने की अपील की। उन्होंने माता-पिता के त्याग का सम्मान करने, बड़े लक्ष्य तय करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश भी दिया।

विकास परियोजनाओं और पुस्तकों का लोकार्पण

दीक्षांत समारोह में सामाजिक सरोकारों के तहत आंगनबाड़ी किट वितरण, बेटियों के एचपीवी टीकाकरण, उत्कृष्ट शिक्षकों, खिलाड़ियों और अधिकारियों का सम्मान, विश्वविद्यालय की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने संस्थान की शैक्षणिक, शोध और नवाचार संबंधी उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की।