झांसी. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के 31वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने छात्राओं को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के साहस और संघर्ष से प्रेरणा लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि बेटियों को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए आत्मविश्वासी और मजबूत बनना चाहिए.

राज्यपाल ने छात्राओं से कहा कि वे रानी लक्ष्मीबाई की तरह बहादुर बनें और किसी भी अन्याय के सामने झुकें नहीं. उन्होंने कहा कि यदि कोई उन्हें परेशान करने की कोशिश करे तो उसका डटकर मुकाबला करें.

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34 हजार 947 विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रियां

दीक्षांत समारोह में कुल 34,947 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं. इनमें 20,295 छात्राएं और 14,652 छात्र शामिल रहे. समारोह के दौरान 81 पदक वितरित किए गए, जबकि 83 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं. स्वर्ण पदक हासिल करने वालों में छात्राओं का दबदबा रहा. कुल स्वर्ण पदक विजेताओं में 80 प्रतिशत छात्राएं और 20 प्रतिशत छात्र शामिल रहे.

विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता सुधार पर दिया जोर

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालयों को लगातार सीखने, नवाचार करने और अपनी गुणवत्ता में सुधार करने की दिशा में काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक और जरूरतें तेजी से बदल रही हैं, इसलिए शिक्षा व्यवस्था को भी समय के साथ अपडेट रहना होगा. उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा और प्रतिभा का इस्तेमाल समाज और राष्ट्र के विकास में करने की अपील की.

सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ युवाओं से आगे आने की अपील

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को दहेज प्रथा, बाल विवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि युवा शक्ति जब बदलाव का संकल्प लेती है तो समाज की दिशा और दशा दोनों बदल सकती हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनना भी है.

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किताबी ज्ञान के साथ कौशल विकास जरूरी

आनंदीबेन पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है. उन्हें अलग-अलग कौशल सीखने की भी जरूरत है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें. उन्होंने बताया कि स्कूलों और विश्वविद्यालयों में विभिन्न गतिविधियों और कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जा रहा है.