अयोध्या. राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में लगातार कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही है. कहा जा रहा है कि सबूत मिटाने और रकम को ठिकाने लगाने की कोशिश हुई है. वहीं इसी बीच प्रकरण में कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुख्य आरोपी बताए जा रहे रामशंकर यादव (टिन्नू) ने अपने वीडियो बयान में ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा और गोपाल राव का नाम लिया था. तो इन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
टिन्नू ने दावा किया था कि दान राशि की गणना और हिसाब-किताब की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की रहती थी. रिपोर्ट के मुताबिक SIT की जांच के दौरान टिन्नू ने गोपाल राव का नाम भी लिया था. इसके बावजूद दोनों पदाधिकारियों पर अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई और न ही सख्ती से पूछताछ की गई. ऐसे में सवाल उठाने लगा है कि जब आरोपी ने कैमरे के सामने और जांच एजेंसी के सामने नाम लिए, तो फिर कार्रवाई आगे क्यों नहीं बढ़ी?
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जानकारी के मुताबिक पुलिस बयानों के आधार पर साक्ष्य जुटाएगी और पुख्ता सबूत मिलने पर जांच में नए नाम जोड़े जा सकते हैं. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कमीशनबाजी से जुड़े कई तथ्यों में अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर आरोप लगे हैं. SIT ने इस मामले में कुछ गवाहों का बयान भी रिकॉर्ड किया है. हालांकि अभी जांच जारी है.

