अंबाला। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के सरकारी ड्राइवर राकेश कुमार के साथ अमेरिका भेजने के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि राकेश ने अपने बेटे को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने के लिए पानीपत के एक एजेंट को ₹50 लाख दिए थे, लेकिन एजेंट ने कथित तौर पर उसे डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेज दिया।

राकेश कुमार के मुताबिक, एजेंट कुलदीप ने उनके बेटे को पहले मेक्सिको पहुंचाया और वहां से अवैध तरीके से अमेरिका में प्रवेश कराने की कोशिश की। अमेरिका की इमिग्रेशन एजेंसियों ने सीमा पर उनके बेटे को पकड़ लिया। इसके बाद उसे करीब 14 महीने तक डिटेंशन सेंटर में रखा गया।

अमेरिका पहुंचने के बजाय डिटेंशन सेंटर पहुंचा बेटा

परिजनों के अनुसार, बेटे को अमेरिका भेजने के लिए बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद वह वहां सामान्य तरीके से प्रवेश नहीं कर सका। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे लंबे समय तक डिटेंशन में रहना पड़ा।

करीब 14 महीने बाद अमेरिकी अधिकारियों ने उसे भारत वापस डिपोर्ट (निर्वासित) कर दिया। इस तरह परिवार के मुताबिक न तो बेटा अमेरिका में रह सका और न ही विदेश भेजने के नाम पर दी गई ₹50 लाख की रकम वापस मिली।

कानूनी तरीके से भेजने की बात, डंकी रूट से भेजने का आरोप

राकेश कुमार का आरोप है कि उन्होंने एजेंट को बेटे को लीगली (कानूनी तरीके से) अमेरिका भेजने के लिए रकम दी थी। उनका कहना है कि उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि बेटे को वैध प्रक्रिया के तहत अमेरिका भेजा जाएगा, लेकिन बाद में एजेंट ने कथित तौर पर डंकी रूट का सहारा लिया।

अब इस मामले में एजेंट की भूमिका और ₹50 लाख के लेनदेन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एजेंट ने किस प्रक्रिया के तहत युवक को अमेरिका भेजा और रकम लेने के बाद उसके साथ क्या किया।

मामले में पुलिस कार्रवाई और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ होगी। फिलहाल राकेश कुमार के आरोपों ने विदेश भेजने के नाम पर होने वाले कथित फर्जीवाड़े और डंकी रूट के जोखिम को एक बार फिर सामने ला दिया है।