चंडीगढ़ में आयोजित भाजपा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ नेता अनिल विज को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। इस दौरान समर्थकों ने 'गब्बर इज़ बैक' के नारे लगाए।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के दायित्व ग्रहण समारोह में उस समय राजनीतिक और संगठनात्मक संदेश साफ दिखाई दिया, जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज को विशेष सम्मान देते हुए मंच पर बुलाकर अपने साथ स्थान दिया। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच यह घटनाक्रम पूरे समय चर्चा का विषय बना रहा।

जैसे ही अनिल विज कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। विज अपनी निर्धारित सीट की ओर बढ़ रहे थे, तभी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें इशारा कर मंच पर बुला लिया। मुख्यमंत्री के बुलावे के बाद विज को मंच पर सम्मानजनक स्थान दिया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “गब्बर इज़ बैक” के जोरदार नारे लगाए, जिससे पूरा सभास्थल गूंज उठा और माहौल पूरी तरह विजमय हो गया।

दिलचस्प बात यह रही कि कार्यक्रम में कई मंत्री मौजूद थे, लेकिन मंच पर अनिल विज के अलावा किसी अन्य मंत्री को स्थान नहीं मिला। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इसे विज की संगठन और सरकार में अहमियत से जोड़कर देखा जाने लगा। मंच से संबोधित कर रहे भाजपा के हरियाणा प्रभारी ने भी इस माहौल पर हल्की-फुल्की टिप्पणी कर कार्यक्रम को और रोचक बना दिया।

अनिल विज भाजपा के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वह लगातार सातवीं बार अंबाला कैंट विधानसभा क्षेत्र से जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। भाजपा के संघर्ष के दौर में जब विधानसभा में पार्टी के गिने-चुने विधायक हुआ करते थे, उस समय भी विज पार्टी का मजबूत चेहरा रहे। संगठन और सरकार दोनों में लंबे अनुभव के चलते उन्हें भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार किया जाता है।

हरियाणा में भाजपा सरकार के साढ़े 11 वर्षों के कार्यकाल में बनी तीनों सरकारों में अनिल विज लगातार कैबिनेट मंत्री रहे हैं। उनकी कार्यशैली भी अन्य नेताओं से अलग मानी जाती है। मंत्री होने के बावजूद उन्होंने आज तक चंडीगढ़ में सरकारी कोठी आवंटित नहीं करवाई और प्रतिदिन अंबाला कैंट से चंडीगढ़ आना-जाना करते हैं। समर्थक इसे उनकी सादगी और क्षेत्र से जुड़े रहने की शैली के रूप में देखते हैं।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सार्वजनिक मंच से अनिल विज को बुलाकर सम्मान देना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वरिष्ठ नेतृत्व के प्रति सम्मान और संगठनात्मक एकजुटता का स्पष्ट संदेश भी माना जा रहा है। “गब्बर इज़ बैक” के नारों और मंच पर मिले विशेष सम्मान ने एक बार फिर अनिल विज को कार्यक्रम का सबसे चर्चित चेहरा बना दिया।