अयोध्या में राम मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव के बीच पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के दो करीबियों को व्यवस्था से हटा दिया गया है. दोनों को बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेजा गया है और मंगलवार से मंदिर में प्रवेश नहीं कर रहे हैं.
अयोध्या. राम मंदिर की व्यवस्थाओं में बदलाव का सिलसिला जारी है. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के दो और करीबियों को मंदिर की व्यवस्था से हटा दिया गया है. दोनों कर्मचारियों के मंगलवार से राम मंदिर परिसर में प्रवेश पर रोक है.
हटाए गए कर्मचारियों में केडी तिवारी उर्फ बड़े बाबू और बजरंग पाठक शामिल हैं. केडी तिवारी रामलला के आभूषणों के साथ श्रद्धालुओं की ओर से समर्पित मूल्यवान वस्तुओं के हिसाब-किताब की जिम्मेदारी संभालते थे.
वहीं, बजरंग पाठक वीआईपी दर्शनार्थियों को प्रसाद, अंगवस्त्र सहित अन्य भेंट उपलब्ध कराने की व्यवस्था देखते थे.
शिकायत के बाद कार्रवाई
दोनों कर्मचारियों को अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने पहले शिकायत के आधार पर नोटिस दिया. इसके बाद प्रशासनिक व्यवस्था के तहत दोनों को राम मंदिर से हटाकर बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेज दिया गया.
बताया जा रहा है कि दोनों के खिलाफ कार्रवाई राम मंदिर में तैनात एक महिला क्षेत्राधिकारी की शिकायत के बाद हुई. क्षेत्राधिकारी के कुछ अतिथियों के दर्शन के दौरान प्रसाद आदि की व्यवस्था को लेकर बजरंग पाठक से विवाद हुआ था.
मंगलवार से प्रवेश बंद
विवाद के बाद क्षेत्राधिकारी की ओर से शिकायत की गई, जिसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ी. इसके बाद केडी तिवारी और बजरंग पाठक को राम मंदिर की व्यवस्था से हटा दिया गया.
दोनों कर्मचारी मंगलवार से राम मंदिर में प्रवेश नहीं कर रहे हैं. उन्हें अब बाग बिजैसी स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम भेजा गया है.


