नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में कई दिनों तक छात्रों ने प्रदर्शन किया. छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान हिंसा से नहीं, बल्कि बातचीत, संवाद और शांतिपूर्ण प्रयासों से ही संभव है. अपने आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकतंत्र में बातचीत ही सबसे प्रभावी रास्ता है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अन्ना हजारे ने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखी. CJP द्वारा 36 दिन का आंदोलन वापस लेने के बाद उन्होंने सरकार और जनता के बीच बातचीत को सबसे प्रभावी रास्ता बताया.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे ने छात्रों के आंदोलन और पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है. सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि हर विवाद का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद और शांतिपूर्ण आंदोलन से होता है. अन्ना हजारे ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को मजबूती से उठाने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके लिए अहिंसा का रास्ता अपनाना जरूरी है.
समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. उनका कहना था कि यदि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से किया जाए तो सरकार पर प्रभाव पड़ता है और सकारात्मक बदलाव संभव होता है.
89 वर्षीय अन्ना हजारे ने कहा कि बातचीत ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने अपने जीवन में जनहित के मुद्दों को लेकर 22 बार अनशन किया, लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया. अगर लोग शांति से अपनी बात रखें और बातचीत करें, तो अच्छे नतीजे मिल सकते हैं.
अन्ना हजारे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें यह नहीं लगता कि इस्तीफे के बाद कौन जीता और कौन हारा. अन्ना हजारे ने सरकार और प्रशासन को भी सलाह दी कि सत्ता में बैठे लोगों को सबसे पहले जनता की वास्तविक मांगों को समझना चाहिए.
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