रविंद्र भारद्वाज, रायबरेली. आध्यात्मिक संत रितेश्वर मंगलवार को रायबरेली पहुंचे. उनके आगमन पर कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने अपने आवास पर उनका स्वागत किया. इस दौरान संत रितेश्वर ने धर्म, राजनीति, गौ संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और राम मंदिर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी स्पष्ट और बेबाक राय रखी.

संत रितेश्वर ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा चलाए जा रहे गौ संरक्षण अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि समाज और सरकार को मिलकर इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए. केवल बयानबाजी से गौ संरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए धरातल पर स्थायी व्यवस्था तैयार करनी होगी.

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एआई विडिओ मामले पर संत रितेश्वर ने राजनीतिक दलों को कड़ी नसीहत दी. उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल जनहित और सकारात्मक संवाद के लिए होना चाहिए, न कि किसी नेता की छवि खराब करने, भ्रम फैलाने या समाज में तनाव पैदा करने के लिए. उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आज संचार का प्रभावशाली माध्यम बन चुका है, लेकिन इसके दुरुपयोग से फर्जी वीडियो, भ्रामक बयान और झूठी सूचनाएं तेजी से फैल सकती हैं. राजनीतिक दलों को इस तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ करना चाहिए. उन्होंने संकेत दिया कि चुनावी राजनीति में एआई के माध्यम से चरित्र हनन और जनता को गुमराह करने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है.

संत रितेश्वर ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी दल को तकनीक के सहारे झूठ और भ्रम का वातावरण बनाने का अधिकार नहीं है. जनता अब पहले से अधिक जागरूक है और वह विकास, नीति तथा वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है. राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े मामले पर संत रितेश्वर ने सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि मंदिरों में आने वाला दान और चढ़ावा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा होता है. इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता या चोरी को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कठोर निगरानी आवश्यक है. मंदिरों में आने वाले धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के लिए हो, इसके लिए स्पष्ट नियम और मजबूत ऑडिट व्यवस्था लागू की जानी चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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राम मंदिर ट्रस्ट में सेना के अधिकारी की नियुक्ति पर संत रितेश्वर ने कहा कि यह व्यवस्था और प्रबंधन के क्षेत्र में नए अध्याय की शुरुआत है. उन्होंने कहा कि सेना अनुशासन, पारदर्शिता, समयबद्धता और जिम्मेदारी के लिए जानी जाती है. ऐसे में ट्रस्ट में सैन्य पृष्ठभूमि वाले अधिकारी की नियुक्ति से व्यवस्थागत सुधार और बेहतर प्रबंधन की उम्मीद बढ़ी है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं का केंद्र है. यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, दान व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. सेना अधिकारी की नियुक्ति से इन क्षेत्रों में अनुशासन और कार्यकुशलता को मजबूती मिल सकती है.

संत रितेश्वर ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के बाद अब उसके संचालन और व्यवस्थाओं को आदर्श बनाने की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. मंदिर ट्रस्ट को ऐसा मॉडल विकसित करना चाहिए, जिसे देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए भी उदाहरण के रूप में देखा जा सके.