कुंदन कुमार/पटना। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मामले की न्यायिक जांच चल रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, लेकिन इस दुखद घटना पर राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सम्राट चौधरी पर आरोपों को नकारा
मंत्री अशोक चौधरी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुरजोर बचाव करते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा मैं सम्राट चौधरी को पिछले 25 वर्षों से जानता हूं। वे कभी जातिवादी राजनीति में विश्वास नहीं रखते। उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है और इस घटना पर सरकार की पैनी नजर है।
नागमणि पर जमकर बरसे अशोक चौधरी
पूर्व सांसद नागमणि के बयानों पर नाराजगी जताते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि उनकी उम्र 75 वर्ष से अधिक हो गई है, लेकिन वे अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि भारतीय जनता पार्टी में अपनी पोजीशन सुरक्षित करने के लिए सम्राट चौधरी पर निशाना साधना कहीं से भी उचित नहीं है और उनकी यह राजनीति सफल नहीं होगी।
न्यायिक जांच का दिया भरोसा
अशोक चौधरी ने घटनाक्रम को याद करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने घटना से पहले ही स्पष्ट किया था कि यदि युवक मानसिक रूप से कमजोर है, तो उसका उपचार कराया जाएगा। घटना के बाद तुरंत न्यायिक जांच के आदेश दिए गए, जो कि अब प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि एसटीएफ की कार्रवाई की पूरी पड़ताल की जा रही है। अंत में उन्होंने राजद और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अगड़े-पिछडे़ की राजनीति कर समाज में विद्वेष फैलाना बंद होना चाहिए। सरकार स्पष्ट है जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कानून का डंडा जरूर चलेगा। विपक्ष का काम सिर्फ शोर मचाना है, जबकि सरकार न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

