कुंदन कुमार/ पटना। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने हाल ही में मुजफ्फरपुर में हुई अग्निकांड की दर्दनाक घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि फायर सेफ्टी (अग्नि सुरक्षा) के मानकों को लेकर कई निजी अस्पताल लापरवाही बरत रहे हैं, जो कतई स्वीकार्य नहीं है।
निजी अस्पतालों की लापरवाही पर सरकार सख्त
मुजफ्फरपुर अग्निकांड पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री अशोक चौधरी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का पालन करना हर संस्थान की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा फायर सेफ्टी को लेकर जो आवश्यक व्यवस्था होनी चाहिए आज के दौर में कई निजी अस्पताल उसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। सरकार अब इन सभी बिंदुओं पर गहन जांच कराएगी ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार मामले की तह तक जाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
पीड़ितों को तत्काल मदद का भरोसा
घटना के बाद उपजे आक्रोश और व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच मंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और पीड़ित मरीजों तथा उनके परिजनों को जो तत्काल सहायता उपलब्ध करानी थी, वह सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। सरकार पूरी तरह से पीड़ितों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।
पटना कोचिंग गोलीबारी: विपक्ष के आरोपों को नकारा
वहीं, पटना में एक कोचिंग संस्थान के बाहर हुई गोलीबारी की घटना पर भी मंत्री अशोक चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को कोचिंग संचालकों की आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन इस मामले की बारीकी से जांच कर रहा है। घटना स्थल के आसपास लगे एक-एक सीसीटीवी कैमरे को खंगाला जा रहा है और जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है, वह की जा रही है।
विपक्ष द्वारा सरकार को घेरे जाने के सवाल पर मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम केवल बिना आधार के बयानबाजी करना रह गया है। कानून-व्यवस्था के ऐसे मामलों पर सरकार को निशाना बनाना कहीं से भी उचित नहीं है, क्योंकि पुलिस अपना काम निष्पक्ष रूप से कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

