हेमंत गुर्जर, बागली(राजगढ़)। जिले के सारंगपुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के पास पानी के तेज बहाव में ईको वाहन बहने से धांसड़ गांव के एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भीषण हादसे के बाद मंगलवार को सतवास थाना क्षेत्र के धांसड़ गांव में सुबह से ही मातम और सन्नाटा पसरा रहा। हल्की बारिश के बीच गांव से जब एक साथ 6 अर्थियां निकलीं, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। वहीं परिवार के तीन अन्य शवों का अंतिम संस्कार खंडवा जिले के पुनासा में किया गया।

मासूम बच्चियों और पिता की अर्थियां एक साथ निकलीं

हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि मृतक पिता के साथ उनकी दो मासूम बच्चियों की अर्थियां भी एक साथ ले जाई गईं। गांव की गलियों से गुजरती अंतिम यात्रा को देखकर पूरा क्षेत्र शोकाकुल हो उठा। हादसे में जान गंवाने वाली विशाल की पत्नी पूजा गर्भवती थी, जिससे इस दर्दनाक घटना में एक अजन्मे बच्चे की सांसें भी थम गईं।

बेटे खुशाल ने पूरे परिवार को दी मुखाग्नि

श्मशान घाट पर उस वक्त हर व्यक्ति भावुक हो गया, जब शंकर के छोटे बेटे खुशाल ने एक साथ अपने माता-पिता, भाई-भाभी और दो मासूम बच्चों को मुखाग्नि दी। एक ही पल में पूरे परिवार को खो देने का दर्द झेल रहे खुशाल को देख वहां मौजूद ग्रामीणों और परिजनों के आंसू थम नहीं रहे थे।

विधायक और ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि

अंतिम यात्रा के दौरान क्षेत्रीय विधायक मुरली भंवरा सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। यह हादसा पूरे धांसड़ गांव के लिए एक कभी न भूलने वाला गहरा जख्म छोड़ गया है।

आचार्य चैतन्य महाराज

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