Ashok Gehlot Magicians Event: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सिविल लाइंस स्थित आवास पर जादूगरों का मेला आयोजित हुआ। इसमें देशभर के कई नामचीन और प्रतिष्ठित जादूगर शामिल हुए। इस दौरान गहलोत ने जादू की कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला बताते हुए सरकारों से इसके संरक्षण और जादूगरों को प्रोत्साहन देने की अपील की।

जादू कला के सम्मान की जरूरत
अशोक गहलोत ने कहा कि दुनियाभर में जादूगरों का बड़ा नाम है और बड़े-बड़े शो आयोजित होते हैं। लंदन में जादू की कला से जुड़े कॉलेज भी हैं। उन्होंने कहा कि जादू ऐसी कला है, जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सकता है। इसलिए सभी सरकारों को इसका सम्मान करना चाहिए।
‘मेरी सरकार ने जादू पर टैक्स माफ किया था’
गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार के समय जादू पर टैक्स माफ किया गया था, क्योंकि टैक्स जादूगरों के सामने बड़ी समस्या थी। उन्होंने बताया कि जादूगर अपनी कला, एक्टिंग और पहनावे के जरिए प्रदर्शन करते हैं।
उन्होंने कहा कि बड़े जादू शो के पीछे काफी खर्च और मेहनत होती है। एक बड़े शो में 2 से 3 ट्रक सामान और 20 से 30 कर्मचारी तक होते हैं। इसके बावजूद जादूगर इस कला को जीवित रखने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से GST को लेकर अपील
गहलोत ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जादू को लेकर क्या कहा है। अगर मुख्यमंत्री चाहेंगे तो जादूगर उनके निवास पर भी शो कर सकते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री खुद जादूगरों की GST से जुड़ी समस्या को समझ सकते हैं। गहलोत ने कहा कि वह चाहेंगे कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार को जादू कला को GST से मुक्त करने की सिफारिश करें।
पिता के साथ टोक्यो और हॉन्गकॉन्ग गए थे गहलोत
अशोक गहलोत ने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें राजनीति में 52 साल हो गए हैं। बचपन में वह अपने पिता के साथ हॉन्गकॉन्ग और टोक्यो में जादू के शो देखने गए थे। उन्होंने बताया कि उन शो से अच्छी आमदनी हुई थी और वह पैसा उनके परिवार के काम भी आया।
वैभव और पोती को जादू सीखने की सलाह
गहलोत ने कहा कि उनके बेटे वैभव गहलोत और पोती काशवी भी वहां मौजूद थीं। उन्होंने दोनों को इस कला को सीखने और आगे बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वह खुद जादू नहीं जानते, लेकिन पत्रकारों ने उन्हें जादूगर बना रखा है।
उन्होंने कहा कि जादू उनके पिता की विरासत है और इस विरासत को बचाने की जरूरत है। उन्होंने सरकार से जादूगरों को सहयोग और प्रोत्साहन देने की अपील की।
गहलोत ने जादू कला को अंतरराष्ट्रीय कला बताते हुए कहा कि इसे बचाने के लिए सरकारों को आगे आना चाहिए। उन्होंने जूनियर मायावी के जोधपुर में जादू की अकादमी बनाने के प्रस्ताव का भी जिक्र किया और कहा कि सभी सरकारों को ऐसे प्रयासों में सहयोग करना चाहिए।
पढ़ें ये खबरें
- लखनऊ में बना वर्ल्ड रिकॉर्ड: सावन के झूलों के बीच 2100 महिलाओं ने ऐसा क्या किया कि बन गया विश्व रिकॉर्ड?
- छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में दाखिले की तारीख बढ़ी, अब 31 अगस्त तक मिलेगा प्रवेश, मंत्री टंक राम वर्मा बोले- छात्रहित में लिया गया फैसला
- AIIMS भोपाल के सदस्य चुने गए राज्यसभा सांसद रजनीश कुमार अग्रवाल, जानिए क्या रहेगी भूमिका
- Ashok Gehlot Magicians Event: गहलोत के घर लगा जादूगरों का मेला, फिर GST पर क्यों बोले पूर्व CM?
- मैं मझवार हूं और मझवार आरक्षण के लिए… विधानसभा चुनाव से पहले संजय निषाद का बड़ा बयान, विरोधियों को दिया करारा जवाब

