ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला जूडो में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली अस्मिता डे जल्द ही वाराणसी की बहू बनने जा रही हैं। वह बर्मिंघम कॉमनवेल्थ 2022 के स्वर्ण पदक विजेता जूडो खिलाड़ी और लखनऊ में कार्यरत तहसीलदार विजय यादव से विवाह करेंगी।
वाराणसी। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जूडो प्रतियोगिता के दौरान शुक्रवार को स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली खिलाड़ी अस्मिता डे जल्द ही बनारस की बहू बनने जा रही हैं। गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश पुलिस की उप निरीक्षक (एसआई) के रूप में तैनात अस्मिता डे का विवाह वाराणसी के सुलेमापुर गांव निवासी जूडो खिलाड़ी विजय यादव से तय हुआ है।
4-5 घंटे करती थीं कड़ा अभ्यास
अस्मिता डे के होने वाले पति विजय यादव वर्तमान में लखनऊ में तहसीलदार के पद पर तैनात हैं। विजय यादव ने यूपी एडवेंचर स्पोर्ट्स क्लब के अध्यक्ष डॉ. एके सिंह को बताया कि अस्मिता उनके साथ रोजाना चार से पांच घंटे तक जूडो का कड़ा अभ्यास करती थीं।
अस्मिता ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में विजय द्वारा जीते गए स्वर्ण पदक से प्रेरणा लेते हुए इस बार देश के लिए केवल गोल्ड हासिल करने का लक्ष्य तय किया था।
वाराणसी में होगा भव्य नागरिक अभिनंदन
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (आरएसओ) नवीन कुमार सिंह को शनिवार शाम विजय यादव ने दूरभाष पर अस्मिता के स्वर्ण पदक जीतने की आधिकारिक सूचना दी।
सिगरा स्टेडियम में अभ्यास कर चुकीं अस्मिता डे के स्वर्ण पदक जीतने पर खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। डॉ. एके सिंह ने घोषणा की है कि अस्मिता के वाराणसी आगमन पर उनका भव्य नागरिक अभिनंदन और स्वागत किया जाएगा।


