अमृतसर। बैसाखी और खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के जत्थे को आज अटारी-वाघा सीमा पर एक बड़ी बाधा का सामना करना पड़ा। अमृतसर बॉर्डर पर पहुंचे जत्थे में से लगभग 27 श्रद्धालुओं को बीएसएफ (BSF) ने पाकिस्तान जाने से रोक दिया, जिससे श्रद्धालुओं में काफी नाराजगी देखी गई।
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों के अनुसार, जिन श्रद्धालुओं को रोका गया है, उनके नाम वर्तमान अप्रूवल लिस्ट (मंजूरी सूची) में शामिल नहीं थे।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उच्च अधिकारियों या संबंधित विभागों से अंतिम मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक उन्हें सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस तकनीकी कारण से 27 लोगों को रुकना पड़ा, जबकि जत्थे के बाकी सदस्य पाकिस्तान के लिए रवाना हो गए। वीजा होने के बावजूद रोके जाने पर श्रद्धालुओं ने कड़ा ऐतराज जताया है।
मोगा से आए श्रद्धालु जसविंदर सिंह ने बताया कि हमारे पास वैध वीजा और सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं। अगर वीजा लग चुका है, तो हमें रोकने का कोई तुक नहीं बनता। यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही है, जिसका खामियाजा हमें और हमारे परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।

परिवारों की बढ़ी मुश्किलें
रोके गए श्रद्धालुओं में कई लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों के साथ पहुंचे थे। बॉर्डर पर अचानक लगी रोक के कारण इन परिवारों को भारी अनिश्चितता और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी व्यवस्था पहले से ही स्पष्ट की जानी चाहिए ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को इस तरह की मानसिक और शारीरिक परेशानी न हो। फिलहाल, रोके गए श्रद्धालु इस उम्मीद में बॉर्डर पर डटे हुए हैं कि उच्च स्तर से जल्द ही कोई सकारात्मक निर्देश आएगा।
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