अजयारविंद नामदेव, शहडोल। शहडोल जिले के जयसिंहनगर में अक्षय तृतीया के मौके पर बाल विवाह की तैयारी चल रही थी, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी ने इस गैरकानूनी कृत्य पर ब्रेक लगा दिया,नाबालिग बालिका की शादी से पहले ही टीम मौके पर पहुंची और विवाह रुकवाते हुए परिजनों को सख्त चेतावनी दी। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।,अब जरूरत है समाज के हर वर्ग की जागरूकता की, ताकि इस कुप्रथा को जड़ से खत्म किया जा सके। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मोहिनी में एक नाबालिग बालिका का विवाह कराया जा रहा था, सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और तत्काल जांच के निर्देश दिए गए, जांच के दौरान बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम पाई गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने विवाह को रुकवा दिया। 

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अखिलेश मिश्रा ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुश्री काजोल सिंह के मार्गदर्शन में खंड स्तरीय टीम गठित कर तुरंत मौके पर भेजा गया, टीम ने ग्राम मोहिनी में बालिका के घर और उसके मामा के घर ग्राम जगड़ा पहुंचकर कार्रवाई की और बाल विवाह को सफलतापूर्वक रुकवाया .इस दौरान टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी और समझाइश दी कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही किया जाए, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

इस कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर गुलाब सिंह, ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, पटवारी और महिला बाल विकास विभाग के मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही, प्रशासन की इस सख्ती से एक बार फिर यह संदेश गया है कि सरकार के प्रतिबंध और जागरूकता अभियान के बावजूद यदि बाल विवाह करने की कोशिश की गई, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

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