औरंगाबाद। जिले के नवीनगर नगर पंचायत क्षेत्र में बुधवार को चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान ने प्रशासनिक कार्रवाई और स्थानीय दुकानदारों के बीच विवाद को जन्म दे दिया है। न्यू एरिया से लेकर मंगल बाजार तक प्रशासन ने जेसीबी के माध्यम से सड़क और नालियों के किनारे किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त किया। इस कार्रवाई का नेतृत्व कार्यपालक पदाधिकारी किशोर भारती और दंडाधिकारी विजेंद्र कुमार ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में किया।
टारगेट करने का आरोप और भारी नुकसान
स्थानीय दुकानदारों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे एकतरफा कार्रवाई बताया है। ‘न्यू परिधान’ के संचालक अनिल कुमार अग्रवाल ने दावा किया कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या विधिवत डिमार्केशन के निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में तत्कालीन सीओ द्वारा की गई मापी के अनुसार, उनके पास जमीन का पूरा रिकॉर्ड है। अनिल कुमार के अनुसार, जब उन्होंने प्रशासन को अपने दस्तावेज दिखाने का प्रयास किया, तो अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी और बुलडोजर चलवा दिया, जिससे उन्हें लगभग दो लाख रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ा।
रसूखदार बनाम छोटे दुकानदार का विवाद
व्यापारियों का मुख्य तर्क यह है कि प्रशासन ने केवल छोटे और कमजोर दुकानदारों को टारगेट किया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले पर बनी सीढ़ियां, स्थायी पक्के निर्माण और प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए बड़े अतिक्रमणों को जानबूझकर छोड़ दिया गया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन का यह दोहरा मापदंड व्यापारियों के बीच भारी नाराजगी का कारण बन रहा है।
अतिक्रमण अभियान की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए लोगों ने यह भी कहा कि शुरुआत में 50 फीट तक अतिक्रमण हटाने की बात कही गई थी, लेकिन कार्रवाई के दौरान मनमर्जी की गई। कहीं 20 फीट तो कहीं केवल 10 फीट तक की तोड़फोड़ हुई। साथ ही, मंगल बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे महादलित टोला के रास्ते पर मौजूद अतिक्रमण को भी अब तक नहीं हटाया गया, जबकि वहां के लिए कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
प्रशासन का पक्ष: उद्देश्य केवल रास्ता सुगम बनाना
इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी किशोर भारती ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का एकमात्र उद्देश्य सड़क और नालियों को अतिक्रमण मुक्त बनाना है ताकि आमजन को आवागमन में सुविधा हो। उन्होंने कहा कि किसी भी दुकानदार की मुख्य दुकान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है बल्कि सड़क की सीमा में आ रहे शेड, छज्जे, बोर्ड और बैनर हटाए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर फिलहाल 50 फीट के बजाय केवल 20 फीट के दायरे तक ही कार्रवाई की जा रही है।
बहरहाल प्रशासन और व्यापारियों के बीच का यह विवाद फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है और स्थानीय स्तर पर इसे लेकर बहस जारी है।

