औरंगाबाद। जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। बिहार राज्य महिला आयोग में एक पत्नी द्वारा पति और देवर पर प्रताड़ना और जहर देकर जान से मारने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को तय की गई है।

​मायके वालों का आरोप: दहेज के लिए दी गई प्रताड़ना

​महिला की मां की ओर से आयोग में दर्ज शिकायत के अनुसार, मई 2017 में शादी के बाद से ही ससुराल वाले उनकी बेटी को लगातार परेशान कर रहे थे। शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपी पति और देवर ने मिलकर कई बार गला दबाकर और जहर देकर उसकी हत्या करने का प्रयास किया। आवेदिका का आरोप है कि उन्हें न तो अपनी बेटी से बात करने दी जाती है और न ही मायके आने दिया जाता है।

​पति का दावा: बॉयफ्रेंड के लिए आधी रात को छोड़ा घर

​दूसरी ओर, पति ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एक अलग ही कहानी बयां की है। पति का कहना है कि 2024 तक सब कुछ ठीक था, लेकिन जब वे रांची में रहने गए, तो पत्नी की संगत बदल गई और उसका किसी अन्य युवक से प्रेम-संबंध हो गया। पति ने खुलासा किया कि उनकी पत्नी एक रात करीब 3 बजे अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर घर से भाग गई थी। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय थाने में सनहा भी दर्ज कराया था।

​वापस लौटने के बाद भी नहीं सुधरे हालात

​महिला आयोग की सदस्य रजिया कामिल अंसारी ने बताया कि पति ने अपनी पत्नी को वापस लाकर स्वीकार कर लिया था। पति का कहना है कि उसे उसी व्यक्ति ने फोन करके सूचना दी थी जिसके पास वह भागी थी। वापस आने के 6 महीने बाद महिला ने नशे की दवा का सेवन कर लिया, जिसका इलाज भी पति ने ही कराया। तीन महीने ससुराल रहने के बाद वह फिर से दूसरे व्यक्ति के साथ भाग गई।
​पति का कहना है कि तमाम विवादों के बावजूद वह अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए पत्नी को साथ रखना चाहता है। फिलहाल, महिला आयोग ने इस मामले में दोनों पक्षों को 14 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। दिलचस्प बात यह है कि केस दर्ज कराने के बाद से शिकायतकर्ता महिला आयोग की सुनवाई में शामिल ही नहीं हुई है।