Lifestyle Desk – बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है. इस दौरान नमी और गंदगी के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं. ऐसे में पैरों की सही देखभाल न करने पर फंगल इंफेक्शन, खुजली, एक्जिमा, त्वचा का छिलना और पैरों से दुर्गंध जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. कई लोग रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी गलतियां करते हैं, जो इन परेशानियों का कारण बनती हैं. अगर आप मॉनसून में अपने पैरों को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो इन 5 खराब आदतों को आज ही छोड़ दें.

लंबे समय तक गीले जूते या मोजे पहनना बारिश में भीगने के बाद कई लोग घंटों तक गीले जूते और मोजे पहने रहते हैं. नमी वाला वातावरण फंगस और बैक्टीरिया के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. इससे पैरों की उंगलियों के बीच संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए घर पहुंचते ही गीले मोजे और जूते बदलें तथा पैरों को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही साफ और सूखे मोजे पहनें.
पैरों को ठीक से साफ और सुखाकर न रखना सिर्फ पानी से पैर धो लेना पर्याप्त नहीं है. बारिश के मौसम में पैरों को हल्के साबुन से साफ करना और खासकर उंगलियों के बीच की जगह को अच्छी तरह सुखाना बेहद जरूरी है. यदि वहां नमी बनी रहती है, तो फंगल इंफेक्शन आसानी से पनप सकता है. नहाने या बाहर से आने के बाद साफ तौलिये से पैरों को अच्छी तरह पोंछें.
गंदे या बिना धुले मोजों का दोबारा इस्तेमाल करना कई लोग एक ही मोजे को बिना धोए दोबारा पहन लेते हैं. पसीना, गंदगी और नमी से भरे मोजों में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे संक्रमण और दुर्गंध की समस्या हो सकती है. रोजाना साफ और सूती मोजे पहनें. यदि बारिश में मोजे गीले हो जाएं, तो उन्हें तुरंत बदल दें.
दूसरों के जूते, चप्पल या तौलिया इस्तेमाल करना फंगल इंफेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है. यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के जूते, चप्पल, मोजे या तौलिये का इस्तेमाल किया जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए अपनी व्यक्तिगत चीजें किसी के साथ साझा करने से बचें और हमेशा साफ-सुथरे फुटवियर का ही इस्तेमाल करें. संक्रमण के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना पैरों में लगातार खुजली, लालपन, जलन, त्वचा का सफेद पड़ना, छिलना या बदबू आना फंगल इंफेक्शन के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. कई लोग इन्हें मामूली समस्या समझकर अनदेखा कर देते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ सकता है. ऐसे लक्षण दिखाई दें तो जल्द डॉक्टर से सलाह लें और बिना सलाह के कोई भी दवा या क्रीम लगाने से बचें.
मॉनसून में ऐसे रखें पैरों का खास ध्यान बारिश के मौसम में खुले और जल्दी सूखने वाले फुटवियर पहनने की कोशिश करें. रोजाना पैरों की सफाई करें, नाखूनों को छोटा और साफ रखें तथा यदि पैरों में अधिक पसीना आता है तो डॉक्टर की सलाह से एंटीफंगल पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है. संतुलित खानपान और पर्याप्त पानी पीना भी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है. थोड़ी-सी सावधानी और अच्छी स्वच्छता की आदतें अपनाकर मॉनसून में फंगल इंफेक्शन, एक्जिमा और पैरों की दुर्गंध जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है. यदि संक्रमण बार-बार हो रहा है या तेजी से फैल रहा है, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर रहेगा.

