मशहूर कोचिंग शिक्षक और आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता अवध ओझा (Awadh Ojha) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तारीफ करते हुए अपने राजनीतिक सफर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर ही चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन जिस सीट से वह चुनाव लड़ना चाहते थे, उसे लेकर सहमति नहीं बन पाई। RSS की पत्रिका पाञ्चजन्य के एक कार्यक्रम में शामिल हुए अवध ओझा ने 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान संघ की भूमिका का जिक्र करते हुए RSS की सराहना की। उन्होंने कहा कि उस दौर में RSS ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
BJP से चुनाव लड़ना चाहते थे अवध ओझा
अवध ओझा ने बताया कि उनकी इच्छा BJP के टिकट पर चुनाव लड़ने की थी। हालांकि, उन्होंने जिस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, उसे लेकर बात नहीं बन सकी। ओझा इलाहाबाद सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन इस सीट को लेकर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी के टिकट पर दिल्ली की पटपड़गंज विधानसभा सीट से 2025 का विधानसभा चुनाव लड़ा था।
RSS के विचारों के करीब पाता हूं’
एक सवाल के जवाब में अवध ओझा ने कहा कि राष्ट्रवाद, भारतीय परंपरा और संस्कृति की पहचान जैसे मुद्दों पर वह खुद को RSS के विचारों के नजदीक पाते हैं। उन्होंने संघ की विचारधारा से जुड़े अपने नजरिए को कार्यक्रम में विस्तार से रखा। ओझा ने इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली NDA सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की तारीफ करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभाई।
अटल बिहारी वाजपेयी की पाकिस्तान नीति की तारीफ
अवध ओझा ने अटल बिहारी वाजपेयी की पाकिस्तान नीति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पड़ोसी देश के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाने की कोशिश की। ओझा ने कहा कि वाजपेयी ने पाकिस्तान के साथ विकास और सहयोग की बातें कीं और उसे अपने साथ जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने वाजपेयी की लाहौर बस यात्रा का भी उल्लेख किया। ओझा के मुताबिक, वाजपेयी ने पाकिस्तान के प्रति दोस्ती का रुख अपनाया, हालांकि बाद में पड़ोसी देश ने फिर अपने पुराने तरीके से व्यवहार किया।
1962 के युद्ध का जिक्र कर RSS की तारीफ
अवध ओझा ने भारत-चीन युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि 1962 में युद्ध के दौरान RSS ने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखकर देश की सेना और पुलिस को सीमा पर तैनात करने तथा आंतरिक व्यवस्था की जिम्मेदारी संघ को देने की बात कही थी। ओझा ने इसे बड़ी बात बताते हुए कहा कि किसी भी घटना को किस नजरिए से देखा जाता है, यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों का नजरिया दुर्योधन जैसा हो जाता है, जिसके कारण वे किसी बात को सही तरीके से नहीं देख पाते।
‘मेरी विचारधारा अब भी वही है’
जब अवध ओझा से पूछा गया कि क्या उनकी विचारधारा समय के साथ बदल गई है, तो उन्होंने इससे इनकार किया। ओझा ने कहा कि उनकी विचारधारा पहले भी वही थी और अब भी वही है। उन्होंने बताया कि 2024 में उन्होंने भाजपा से प्रयागराज से लोकसभा चुनाव का टिकट मांगा था। बाद में जब उन्होंने इलाहाबाद सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई तो पार्टी की ओर से उन्हें कैसरगंज से चुनाव लड़ने का सुझाव दिया गया।
AAP के टिकट पर लड़ा था पटपड़गंज से चुनाव
बता दें कि अवध ओझा बाद में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट पर पटपड़गंज सीट से चुनाव लड़ा। अब RSS के कार्यक्रम में उनके दिए बयानों के बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


