अयोध्या. राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गड़बड़ी के मामले के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पूर्व महासचिव चंपत राय पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए. मंगलवार को चंपत राय अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्य पुजारी परमहंस आचार्य से मुलाकात की. दोनों के बीच बंद कमरे में काफी देर तक बातचीत हुई. हालांकि, इस मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
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बंद कमरे में हुई मुलाकात, चर्चाओं का बाजार गर्म
चंपत राय और परमहंस आचार्य की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित अनियमितता का मामला जांच के दायरे में है. मुलाकात के बाद अयोध्या के संत समाज में इस बैठक को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से बैठक के एजेंडे को लेकर कोई बयान नहीं दिया गया. वहीं, परमहंस आचार्य ने मीडिया से बातचीत में चंपत राय की भूमिका की जमकर सराहना की.
‘राम मंदिर निर्माण में चंपत राय का बड़ा योगदान’
परमहंस आचार्य ने कहा कि भव्य राम मंदिर निर्माण में चंपत राय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि समाज में चंपत राय का सम्मान है और अयोध्या के साधु-संतों ने उनसे यहीं स्थायी रूप से रहने का आग्रह किया है. उन्होंने दावा किया कि चंपत राय अपनी अंतिम सांस तक अयोध्या में ही रहेंगे. साथ ही उन्होंने लोगों से चंपत राय के सम्मान को बनाए रखने की अपील भी की.
जून में सामने आया था चढ़ावे में गड़बड़ी का मामला
राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी का मामला जून के पहले सप्ताह में सामने आया था. आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक मुद्दा बन गया था. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भी इस मामले को संसद और विधानसभा में उठाया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सिफारिश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था.
SIT जांच में आठ आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट के बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी. जांच एजेंसियों ने दान की गिनती में कथित गड़बड़ी और साजिश के आरोप में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है.
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फिलहाल मामले की जांच जारी है और एसआईटी बैंक रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है. चंपत राय की अयोध्या में हुई इस मुलाकात को इसी पूरे घटनाक्रम के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है.


