अयोध्या. रामनगरी अयोध्या में इस साल दीपोत्सव को भव्य बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं. 32 लाख दीयों की आपूर्ति के लिए 55 हजार लीटर सरसों का तेल, 65 लाख बाती और 150 किलो कपूर की व्यवस्था की जा रही है. सामान की आपूर्ति अयोध्याजी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद की ओर से कराई जा रही है. हालांकि, दीपोत्सव में 30 लाख दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है.

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32 लाख दीयों की होगी आपूर्ति

अयोध्याजी तीर्थ क्षेत्र विकास परिषद के सीईओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि दीपोत्सव में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के टेंडर खुल चुके हैं और फिलहाल उनकी वित्तीय समीक्षा की जा रही है. टेंडर हासिल करने वाला वेंडर सभी सामग्री अवध यूनिवर्सिटी को उपलब्ध कराएगा. परिषद की कोशिश है कि स्थानीय कुम्हारों को भी ज्यादा से ज्यादा काम मिले.

कुम्हारों को प्राथमिकता देने की तैयारी

सीईओ ने बताया कि दीये बनाने वाले कुम्हारों और वेंडरों की बैठक कराई जाएगी. इसका उद्देश्य दोनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि स्थानीय कुम्हारों से प्राथमिकता के आधार पर दीयों की आपूर्ति कराई जा सके. इससे दीपोत्सव की तैयारियों के साथ स्थानीय कारीगरों को भी रोजगार मिलेगा.

55 घाटों पर सजेंगे दीये

दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार बैठकें कर रहे हैं. सरयू तट के 55 घाटों का निरीक्षण किया जा चुका है. यहां साफ-सफाई, पेयजल और बिजली आपूर्ति की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है. घाटों पर दीये सजाने के लिए बड़ी संख्या में वॉलंटियर भी लगाए जाएंगे.

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34 हजार वॉलंटियर के लिए इंतजाम

दीपोत्सव में करीब 34 हजार छात्र-छात्राओं को वॉलंटियर के तौर पर शामिल किया जाएगा. इनके लिए टी-शर्ट, मोमबत्ती और भोजन की व्यवस्था की जा रही है. 55 घाटों पर तैनात वॉलंटियर के भोजन की जिम्मेदारी तीर्थ विकास परिषद संभालेगा. डीएम, कमिश्नर, अवध यूनिवर्सिटी के साथ पर्यटन और संस्कृति विभाग तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं.