सतीश सिंह, अयोध्या. राम मंदिर चढ़ावा गबन प्रकरण में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में अयोध्या के संत उतर आए हैं. शनिवार को हजारा मंदिर, गोलाघाट चौराहा में संत मंडल की सम्पन्न हुई. बैठक के बाद संतो ने कहा है कि एसआईटी जांच पूरी होने तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. बैठक में संतों ने कहा कि चंपत राय वर्ष 1993 से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए हैं और उनका सार्वजनिक जीवन निष्कलंक रहा है.
संतों ने कहा कि बिना जांच पूरी हुए उन्हें दोषी ठहराना उचित नहीं है. संतों ने उनके व्यक्तित्व और निष्ठा पर भरोसा जताते हुए कहा कि मीडिया में आ रही कई बातें निराधार और भ्रामक हैं. संतों ने यह भी कहा कि चंपत राय ने स्वयं मामले की एसआईटी जांच की मांग की है, जो उनकी पारदर्शिता और न्यायप्रियता का प्रमाण है. साथ ही सरकार द्वारा तत्काल एसआईटी गठित किए जाने की भी सराहना की गई.
इसे भी पढ़ें : राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सिर्फ रामधन ही नहीं हर काम में कमीशन वसूला, ट्रस्टियों ने पार की लूटमार की हर सीमा
दानराशि का ब्योरा सार्वजनिक करें कोषाध्यक्ष
संतों ने दान राशि में गड़बड़ी के आरोपों को गंभीर बताते हुए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी से आय-व्यय का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी सच्चाई एसआईटी जांच के बाद सामने आ जाएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होनी चाहिए. बैठक में यह सवाल भी उठाया गया कि 11 जून को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक निर्धारित समय से पहले क्यों कर ली गई. संतों ने इस संबंध में गोविंद देव गिरी से स्पष्टीकरण देने की मांग की.
संतों ने रामभक्तों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखें. उनका कहना था कि पूरे संत समाज का आशीर्वाद चंपत राय के साथ है और सत्य सामने आने का इंतजार किया जाना चाहिए।बैठक में महंत शशिकांत दास, राजीव लोचन, वैदेही वल्लभ शरण सहित कई संत मौजूद रहे.

