सिंगरौली। जिले में कोयला और राखड़ (फ़्लाई ऐश) का असुरक्षित परिवहन कर सड़कों को हादसों का केंद्र बनाने वाले ट्रांसपोर्टरों पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर खुद कलेक्टर गौरव बैनल ने मोर्चा संभाला। भ्रमण के दौरान सड़क पर बिना तिरपाल ढके दौड़ रहे हाइवा और ट्रकों को कलेक्टर ने मौके पर ही रुकवाया और सीधे थाने भिजवा दिया। इसके बाद पूरे जिले में चलाए गए ताबड़तोड़ अभियान में कुल 32 वाहनों को जब्त किया गया है।

जानलेवा बना बिना तिरपाल कोयले का परिवहन

सिंगरौली की सड़कों पर रोजाना 6,000 से अधिक कोयला ट्रक, हाइवा और ट्रेलर दौड़ते हैं। बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर बिना तिरपाल ढके ही कोयला व राखड़ ढो रहे थे। नतीजा यह हो रहा था कि सड़कों पर उड़ती धूल और गिरता कोयला राहगीरों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा था। लगातार हो रहे सड़क हादसों में कई बेगुनाह लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

संयुक्त टीम की छापेमारी से ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप

कलेक्टर के कड़े रुख के बाद आरटीओ, खनिज विभाग, पुलिस, राजस्व विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम ने जिले भर में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में भारी ट्रकों के साथ-साथ कुछ छोटे वाहन भी जब्त किए गए। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से लापरवाह ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों के बीच हड़कंप मच गया है।

सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई

गौरव बैनल, कलेक्टर ने कहा- पिछले महीने भी आधा दर्जन ट्रांसपोर्टरों पर कार्रवाई की गई थी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में प्रदूषण और सड़क हादसों को पूरी तरह रोकने के लिए कोयला परिवहन को सड़क मार्ग के बजाय रेलवे मालगाड़ियों से कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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