अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब नया और बेहद गंभीर एंगल सामने आया है। आरोप है कि राम मंदिर परिसर में सिर्फ चढ़ावा चोरी ही नहीं, बल्कि काम कराने वालों से भुगतान के नाम पर कमीशनखोरी और पैसे वापस लेने का भी खेल चल रहा था।

कागजों पर ज्यादा भुगतान दिखाया जाता था

मंदिर परिसर में काम कर चुके लोगों ने आरोप लगाया है कि कागजों पर ज्यादा भुगतान दिखाया जाता था, लेकिन पेमेंट कराने के बाद उनसे रकम वापस ले ली जाती थी। पैसे नहीं देने पर काम करने वालों को परेशान किया जाता था और मानसिक दबाव बनाया जाता था।

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मंदिर के कई कामों में भारी कमीशन वसूला गया

आरोप है कि इस पूरे खेल में रामशंकर यादव टिन्नू और उसके साथियों के साथ ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भी भूमिका रही। पीड़ितों का दावा है कि मंदिर के कई कामों में भारी कमीशन वसूला गया और कई लोगों को मजबूरी में काम बीच में छोड़ना पड़ा।

सबसे बड़ा सवाल अब यही है क्या राम मंदिर परिसर में चढ़ावे के साथ-साथ कामकाज । और भुगतान की व्यवस्था में भी संगठित वसूली का सिंडिकेट चल रहा था?