आजमगढ़. भारतीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़ी बैठक रविवार (4 अक्टूबर) को आजमगढ़ में उस वक्त विवादों में आ गई, जब मंच से एक वरिष्ठ नेता का नाम नहीं लिए जाने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई. मामला बढ़ने पर भाजपा जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह और वरिष्ठ नेता ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ‘ज्ञानू’ के बीच कथित तौर पर धक्का-मुक्की हो गई. घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बैठक के दौरान भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष, एमएलसी और आजमगढ़ जिला प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह भी मौजूद थे.

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मंच से नाम नहीं लेने पर शुरू हुआ विवाद

भाजपा जिला कार्यालय में संगठन से जुड़ी आगामी गतिविधियों को लेकर बैठक चल रही थी. इसी दौरान मंच से नेताओं का नाम लिए जाने के क्रम में ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ‘ज्ञानू’ का नाम नहीं लिए जाने पर आपत्ति जताई गई. इसके बाद कहासुनी शुरू हुई और कुछ ही देर में विवाद धक्का-मुक्की तक पहुंच गया. मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया.

जिला प्रभारी के सामने बिगड़ा माहौल

विवाद के समय जिला प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद थे. घटनाक्रम के बाद ज्ञानेंद्र सिंह ‘ज्ञानू’ बैठक से निकल गए. इसके बाद जिला प्रभारी ने जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह और पार्टी के कुछ पूर्व प्रत्याशियों व वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक की. यह बैठक करीब 45 मिनट तक चली.

वीडियो वायरल, थप्पड़बाजी की भी चर्चा

घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. कुछ रिपोर्टों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से दोनों नेताओं के बीच थप्पड़बाजी की बात भी सामने आई है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

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पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक बयान नहीं

घटना के बाद भाजपा कार्यालय में पुलिस बल की मौजूदगी भी रही. हालांकि, इस विवाद को लेकर भाजपा की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है. हाल ही में डॉ. धर्मेंद्र सिंह को आजमगढ़ का जिला प्रभारी बनाया गया था और उनके स्वागत कार्यक्रम में संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया था. ऐसे में जिला कार्यालय में सामने आए इस विवाद ने स्थानीय संगठन में तालमेल और अनुशासन को लेकर चर्चा तेज कर दी है.